साइकिल चलाने से सारे शरीर का व्यायाम हो जाता है । इसके कारण शरीर के सभी अंगों पर असर पड़ता है । सभी अंग गतिमान हो जाते है ।शारीरिक गतिविधि के कारण पसीना अधिक निकलता है पसीने के साथ अंगो के बीच फंसी गंदगी और चरवी खत्म हो जाती है । शरीर तंदरुस्त हो जाता है ।
तंदरूस्त शरीर से इंसान अपने सभी काम करने के काबिल होता है । बीमारियों के नाश से शरीर और मन दोनों स्वस्थ हो जाते है । शरीर की लचक बड़ जाती है। उसका शरीर जवानों के समान बन जाता है । इसका असर मन पर भी पड़ता है।
सायकिल चलाकर आने -जाने से धन की बचत होती है । उस बचत को अन्य स्थान पर लगाकर लाभ कमाया जा सकता है ।
सायकल चलाने वाले मोटापे के शिकार नहीं होते है जिसके कारण वह हर तरह के कपड़े पहनकर सुखी महसूस करते है उनका लावण्य बना रहता है । वह अपनी उम्र से कम दिखाई देते है ।
सायकल हर उम्र का इंसान चला सकता है यह हल्का लेकिन प्रभावी होता है इसके गलत प्रभाव नहीं पडते है । इसके फायदे अधिक होते है अब स्वस्थ रहने के लिए लोग सायकल का अधिक प्रयोग करने लगे है ।
इससे वायु प्रदूषण नहीं होता है । इसके कारण सांस संबंधी बीमारियों मे राहत मिलती है । स्वच्छ और स्वस्थ माहौल मे इलाज के खर्च बचते है । बीमारियों के कारण इंसान मानसिक और शारीरक दोनों रूपों मे परेशान रहता है । स्वच्छ माहौल मे हर इंसान रहना चाहता है ।
इसके फ़ायदों के कारण सायकल चलाने को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे है ।
इंसान जोश से भरकर अपने और अन्य के काम करने मे सक्षम हो जाता है । जब वह किसी का मोहताज नहीं रहता अन्य के काम भी करने लगता है उससे घर और बाहर सभी लोग पसंद करते है उसके दोस्त अधिक बनते है । दोस्तों के कारण उसका समाजिक महत्व बड़ता है ।
वह दूसरों के काम करने मे सक्षम होता है जिससे लोग उसके काम मे सहायक सिद्ध होते है । काम मे रुकावट न पड़ने के कारण उसकी सफलता का % बड़ जाता है । सफलता मिलने से इंसान का आत्मविश्वास बड़ता जाता है ।
आत्मविश्वासी इंसान को लोग पसंद करते है । आत्मविश्वासी इंसान अपनी उलझन को सुलझाने के साथ अन्य इंसान की कठिनाई भी दूर करता है इस तरह के इंसान काम के बारे मे सोचते है जिसके कारण वह सामान्य इंसान से अधिक काम कर पाते है ।
वे अधिक काम करके भी दुखी नहीं होते है वह जोश से भरे हुए खुशमिजाज रहते है । उनके खुश रहने से लोग उनके नजदीक आते रहते है ।
वर्तमान समय मे सायकल चलाने से इंसान जितना अपना भला करता है उससे अधिक वह देश और समाज का करता है वह अपने साथ अन्य के लिए भी स्वस्थ माहौल बनाता है । वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पेट्रोल से चलने वाले वाहन है सायकल चलाने से मानव पेट्रोल का खर्चा बचा सकता है ।
भारत की अधिकतर पूंजी विदेशों से पेट्रोल खरीदने मे खर्च हो जाती है जिसे बचाकर अन्य महत्वपूर्ण कार्यों मे खर्च करके देश का विकास कर सकते है । बहुत सारे काम पूंजी के अभाव मे रुक जाते है । आजकल पेट्रोल बेचने वाले देश अमीर हो रहे है। उन्हे खरीदने वाले देशों की अधिकतर पूंजी इसमे नष्ट हो जाती है जिससे विकास कार्य रुक जाते है ।
सायकल चलाकर इंसान अपने साथ देश और समाज का भला कर सकता है ।आने वाली पीड़ियों के लिए सुंदर संसार बनाने मे योगदान कर सकता है ।
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