मैं जैन हुं , भूमिगत कंदमूल सेवन नहीं करती, क्या मैं १) भूमीगत मेट्रो और २) मल्टी स्टोरी बील्डींग के अन्डर ग्राउंड बेसमेंट पार्किंग का इस्तेमाल कर सकती हूँ? या फिर परहेज खाने के संबंध में ही मानने की घर्म आज्ञा है?
Madhurima Pathak की प्रोफाइल फ़ोटो

भूमिगत कंदमूल के सेवन से अनेक जीवाणु पर खराब असर पड़ता है वह मर जाते है । उन्हे नष्ट होने से बचाने के लिए उसके सेवन पर रोक लगाई जाती है । जमीन के ऊपर उगने वाली वनस्पति के सेवन से जीवाणु के जीवन पर असर नहीं पड़ता है । वह इंसानी शरीर की जरूरते पूरी कर सकती है इसलीये जमीन के नीचे उगने वाली चीजों के बिना जिया जा सकता है ।इसलीये जैन साधक कंदमूल के सेवन से बचने की कोशिश करते है । वह कम से कम जीवों को हानि पँहुचाने की कोशिश करते है ।

मेट्रो और मल्टी स्टोरी मंजिल के अंदर ग्राउंड के बेसमेंट मे पार्किंग होना आधुनिक समय की मजबूरी बन गया है । भारत की आबादी बहुत ज्यादा बड़ गई है जिसके कारण मकानों के नीचे पार्किंग बनना जरूरी हो गया है । आने वाले समय मे बिना पार्किंग के घर बनने बंद कर दिए जाए तो बड़ी बात नहीं होगी । तब आप क्या करेगे । आज भी अधिकतर नए मकानों को बिना पार्किंग बनाने की सुविधा नहीं मिलती । अधिकतर प्लान के हिसाब से बनने वाले मकानों मे पार्किंग जरूर बनती है । इसलीये आपके लिए पार्किंग के लिए इसका उपयोग करना पड़ेगा ।

भारत की सड़कों पर गाड़ियों की पार्किंग के कारण जाम लग जाता है इससे निजाद पाने के लिए सरकार कुछ समय बाद सड़कों पर गाड़ी खड़ी करना बंद करवा दे तो बड़ी बात नहीं होगी । आजकल गाड़ी की पार्किंग को लेकर झगड़े होने लगे है । इसलीये नई सुविधा का लाभ उठाए ।

अभी तक भूमिगत पार्किंग से जीवों को हानि होती नहीं देखी गई है । यदि उन्हे नुकसान पँहुचा भी है तब आरंभ मे पँहुच चुका है उसके बाद आप उन जीवों को नुकसान नहीं पँहुचा रहे है । उससे अनेक लोगों और जीवों को फायदा होता है । जैन धर्म सभी जीवों को जीने का अधिकार देता है उनके हिसाब से धरती के सबसे छोटे जीव को भी हमारे समान जीने का हक है । इसलीये वे उसके नाश से बचने की कोशिश करते है ।

भूमिगत पार्किंग इंसानों और अन्य जीवों के लिए जरूरी बन गया है इससे जीवों की हत्या नहीं हो रही है इसलीये आप इसका इस्तेमाल कर सकते है आपके पार्किंग के इस्तेमाल से लोगों को राहत मिलेगी । वरना गलत जगह पार्किंग से जुर्माना भी भरना पड सकता है ।

आपकी गाड़ी को उठा कर भी ले जाया जा सकता है जिसके कारण आपका बहुत समय और पैसा भी खर्च हो सकता है । बहुत सारी जगहों पर गाड़ी खड़ी करना मना होता है उस जगह पर सड़क पर गाड़ी बिल्कुल खड़ी नहीं कर सकते जहां गाड़ी की पार्किंग दी गई होती है ।

यदि आप बहुमंजिला इमारत मे रहते है तब भी आपको सोचना चाहिए क्योंकि बहुमंजिला इमारत मे जितने लोग रह सकते है उतने एक मंजिला घर मे नहीं रह सकते । इसलीये बहुमंजिला इमारत मे रहने वाले या उन रिश्तेदारों के घर जाते समय उस जगह की पार्किंग मे गाड़ी ठहराने से संकोच न करे वरना सभी के लिए अजूबा बन जाओगे । वे आपकी बात नहीं समझ सकेंगे । हमारे जानने वाले अधिकतर बहुमंजिला इमारतों मे रहते है जिसके कारण वहाँ जाकर गाड़ी खड़ी करना मजबूरी बन गया है । इससे बचना कठिन है ।

हमारी त्वचा पर बहुत सारे जीवों का निवास होता है जिसमे से अधिकतर हानिकारक नहीं होते है उनका होना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है । हानिकारक विषाणुओ को मारने के लिए साबुन से नहाना पडता है लेकिन न नहाने से शरीर से बदबू आएगी । इंसान बहुत सारी बीमारियों का शिकार हो जाएगा । इसलीये सबसे पहले इंसान की जरूरत होती है इसलीये सभी जैन धर्म के मानने वाले नहाने से परहेज नहीं करते क्योंकि बिना नहाए इंसान को स्वीकारना कठिन होता है लोग उससे दूरी बनाने लगते है ।

आजकल बहुमंजिला इमारतों मे रहना अमीरी का प्रतीक बन गया है । इसलीये अधिकतर लोग वहाँ रहना पसंद करने लगे है इसलीये यदि आप पार्किंग और लिफ्ट की सुविधा नहीं उठायेंगे तो परेशानी होगी । जैन धर्म मे सुखी रहने पर बंदिश नहीं है । वे दूसरों को भी जीने का अधिकार देना चाहते है । इसलीये जीवन मे असुविधा को बुलावा देना गलत है ।

जैन धर्म मे समय के हिसाब से नियम बनाए गए थे । प्राचीन काल मे अंदरग्राउंड की कल्पना नहीं थी इसलीये इससे संबंधित नियम नहीं बने लेकिन अंदरग्राउंड के इस्तेमाल से सुविधा अधिक और लोगों को परेशानी कम है इसलीये इसका लाभ उठाने मे बुराई नहीं है।

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