तनाव को बीमारी के रूप मे लेने वाले इसे बुरा समझते है । तनाव जीवन मे होना बड़ी बात नहीं है । जब तनाव का सामना करते है तब उससे मुक्ति के लिए काम करते है ।तनाव किसी काम को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है इंसान मे जोश भरता है । काम को टालते जाना इंसान का स्वभाव है जब निश्चित समय तक काम पूरा करने का दबाब बनता है उस समय इंसान मे जोश पैदा होता है । जोश के समय इंसान मे प्रेरक हार्मोन्स पैदा होते है जिससे इंसान आलस छोड़कर काम करने लगता है ।
सीमित समय का तनाव फायदेमंद होता है । कुछ लोग हर समय तनावग्रस्त रहते है इस तरह का तनाव बुरा होता है । तनाव ग्रस्त इंसान सही तरह से सोच नहीं पाता है । उसे हमेशा नकारात्मक ख्याल आते है । ऐसी हालत मे उसके शरीर मे हार्मोन्स आदि इस तरह से निकलते है जिससे शरीर को क्षति होती है । वह अनेक बीमारियों का शिकार हो जाता है । उसे किसी काम मे मन नहीं लगता है । किसी के साथ रहने पर अच्छा नहीं लगता है । जिसके कारण वह समाज से कट कर अनेक बीमारियों का शिकार होकर जल्दी दुनियाँ से कुच कर जाता है ।
तनाव से मुक्ति के लिए काम करना चाहिए । जो काम करते है वे वर्तमान मे जीते है वह भूतकाल और भविष्य को लेकर चिंतित नहीं होते है । वह वर्तमान मे काम करने को महत्व देते है जिसके कारण वह जोश से भरकर काम करते है ।उनपर आलस हावी नहीं होता है । वह सामान्य इंसान से अधिक काम करते है उनकी एकाग्रता बनी रहती है । उनके काम मे सफलता का % बड जाता है ।
आधुनिक समय मे इंसान मानसिक काम अधिक करता है शारीरिक मेहनत नहीं करना चाहता है जब शारीरिक रूप से सक्रिय होते है तब दिमाग मे बुरे विचार नहीं आते है । इसलीये मानसिक के साथ शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की कोशिश करनी चाहिए ।
थका हुआ इंसान गहरी नींद सोता है । जब गहरी नींद आती है तब फालतू के विचार दिमाग मे नहीं आते है । गहरी नींद आने से बहुत सारी बीमारियों से मुक्ति मिलती है ।
तनाव मुक्ति के लिए व्यायाम किए जा सकते है । अपने पसंद के खेलों मे भाग लिया जा सकता है । बाहरी खेल खेलने से दोस्तों की जरूरत पड़ती है । बाहर का वातावरण और दोस्त जीवन को खुशनुमा बनाते है । इस तरह के माहौल मे रहने वाले आनंदित रहते है वे सकारात्मक सोचते है । सकारात्मक माहौल मे जीने वाले लोग लंबा और तनावमुक्त जीवन जीते है ।
आप तनाव के समय स्वस्थ आहार ले । कभी खाना न चोड़े । कम खाने या न खाने से तनाव से मुक्ति नहीं मिलती बल्कि बीमार पड जाते है ।अधिक खाने पर ध्यान न दे । केवल स्वास्थ्यप्रद खाना चुने । वरना मोटापे का शिकार हो जायेगे । मोटापा अनेक बीमारी का कारण बनता है ।
जीवन मे जो शौक अधूरे रह गए है तनाव के समय उन्हे पूरा करने की कोशिश करे । जैसे गाना ,नाचना , कला ,खाना बनाना ,किताब पड़ना ,घूमने जाना ,संगीत सुने आदि तनाव से मुक्ति अन्य नहीं दिला सकता है इसलीये आपको तनाव मुक्त रहने के लिए खुद कोशिश करनी पड़ेगी । इसलीये दूसरों पर निर्भरता छोड़कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करे ।
आत्मनिर्भर इंसान दूसरों से उम्मीद नहीं करता है । इसलीये वह खुद को खुश रखने के लिए कोशिश करता है । जो आत्मनिर्भर होते है वह सामान्य लोगों की अपेक्षा अधिक खुश रहते है ।
तनाव के समय गुनगुने पानी से स्नान करना फायदेमंद साबित होता है । कई बार पानी थेरेपी के समान काम करता है । जब मै गुस्से मे होती हूँ तब पानी घूंट -घूंट करके पीने से लगता है पानी के साथ गुस्सा दिमाग से निकल कर पेट मे जा रहा है मै धीरे -धीरे शांत होने लगती हूँ । जब भी शारीरिक और मानसिक काम करती हूँ उस समय पानी की अधिक जरूरत महसूस करती हूँ । पानी पीने से राहत मिलती है।
जीवन मे प्राणायाम और ध्यान करने से तनाव से मुक्ति मिलती है योग करने से शारीरिक और मानसिक व्यायाम हो जाता है । आप इसे सही तरह से नहीं समझ पा रहे है तो योग की कक्षा मे जाकर अच्छा महसूस कर सकते है । हमारे सारे सुख और दुख शरीर मे पैदा होते है शरीर के माध्यम से इसे ठीक भी किया जा सकता है । हमे इसे ठीक करने के लिए कोशिश करनी चाहिए ।
आप ऐसी संस्था मे जा सकते है जहां जाने पर तनाव से मुक्ति मिलती है । आधुनिक समय मे बच्चे से लेकर बुड़े सभी तनाव के साथ जी रहे है हम तनावमुक्त रहकर काम करना भूल गए है । इससे मुक्ति प्राचीन और आधुनिक अनेक तरीकों से मिल सकती है ।
पहले समय मे इंसान अपने मन का गुबार अन्य के सामने निकाल सकता था । अब सभी दूसरों से डरे हुए है जिसके कारण घुटन भरा जीवन जीने के लिए मजबूर हो गए है ।
आप यदि किसी के सामने मन का गुबार नहीं निकाल पा रहे तो किसी कागज पर अपने विचार लिखे । उसके बाद यदि किसीके पडने का डर है तब उस काग़ज को नष्ट किया जा सकता है । जिससे कोई पड न सके । आपके अंदर का गुबार तीन बार लिखने पर खत्म हो जाएगा । उसके बाद आपको उस बारे मे दुखदायी विचार नहीं आएंगे । यह मेरा परखा हुआ है। मैंने इसके माध्यम से तनाव से मुक्ति पाई है । उस समय लिखने की कोशिश से मै आज लेखिका बन सकी हूँ । इसके सकारात्मक पहलू से मेरा साक्षात्कार हुआ है ।
अब मेरा जीवन तनावमुक्त हो सका है इसके लिए मैंने खुद कोशिश की है क्योंकि एक समय पर तनाव के कारण मै बहुत सारी शारीरिक और मानसिक बीमारियों का शिकार होकर जीवन को नरक बना चुकी हूँ ।जब दवाइयों का असर होना बंद हो गया था तब दूसरों की सलाह से मैंने अनेक उपाय किए जिससे मेरी सोच बदली । अब मै सभी इंसानों और कामों को सकारात्मक रूप से लेकर जल्दी करके सफलता पा रही हूँ । अब मै खुशमिजाज इंसान के रूप मे पसंद की जाती हूँ ।
आप भी तनावमुक्त रह सकते है इसके लिए खुद कोशिश करनी पड़ेगी वरना डॉ या दूसरों की सलाह अनुसार कोशिश करे ।वह आपको दवाई दे सकते है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें