पत्नी का पीछे चलना
भारत मे लड़के अधिकतर लड़की से कुछ बड़ी उम्र के ढूँढे जाते है । जिसके कारण उनका ज्ञान अधिक होता है । लड़कों को बाहर घूमने दिया जाता है जिसके कारण वह बाहरी माहौल को अच्छी तरह से जानते है वे लोगों के स्वभाव को जानते है । वह अपनी पत्नी को गलत निगाहों से बचाने के लिए आगे चलते है । वह उसका मार्ग निर्देशित करते है ।
उनके आगे चलने से लोगों को आभास हो जाता है इसके लिए लड़ने वाला है इसलीये गलत तत्व बुरा व्यवहार करने से रुक जाते है । अकेली औरत को देखकर लोगों का व्यवहार बदल जाता है जबकि पुरुष को औरत के आगे चलते देखकर वह संयम बरतते है ।
भारत मे औरत को दोयम दर्जे का समझा जाता था जिसके कारण उसे पीछे चलने के लिए मजबूर किया जाता था । वह यदि आगे निकल भी जाती थी तब उसे पीछे चलवाया जाता था । वैसे गाड़ी के हर पहिये की जरूरत होती है कोई अच्छा या बुरा नहीं होता है । गाड़ी के हर पहिये को कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है उससे रफ्तार मे अंतर नहीं आता है । उसी प्रकार विपरीत स्थिति मे पत्नी पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाती दिखाई दे जाएगी । पत्नी के अलग होने की स्थिति मे पुरुष भी पूरी जिम्मेदारी से परिवार संभालते है ।
पुरुष और औरत मे अलग गुण होते है । पुरुष व्यवहारिक निर्णय करने मे सक्षम होते है औरत भावनात्मक स्तर पर और रिश्ते संभालने मे निपुण होती है । व्यवहारिकता के कारण पुरुष पैसा कमाते है । जिससे घर के काम चलते है । औरत के कारण रिश्ते बने रहते है । संबंधों मे मधुरता आती है ।
जीवन मे किसी को मजबूत या कमजोर कहना गलत है दोनों साथ रहकर मजबूत महसूस करते है । अकेले होने पर सामान्य व्यवहार नहीं कर पाते है । आप साथी के बिछड़ने पर दोनों के व्यवहार मे अंतर देख सकते है । दोनों को देखभाल की जरूरत पड़ती है ।
औरत मानसिक रूप से पुरुष से अधिक मजबूत होती है । जबकि शारीरिक रूप से कमजोर होती है । वह विपरीत स्थिति मे जिंदा रह सकती है जबकि पुरुषों के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होने पर भी विपरीत स्थिति मे जीवन जीना दुखदाई हो जाता है उन्हे विक्षिप्त होते देखा जा सकता है वह चिड़चिड़ा व्यवहार करने लगते है ।
भारतीय समाज मे लोगो को सामान्य व्यवहार करने से रोकने की कोशिश की जाती है । पुरुष मानसिक रूप से मजबूत नहीं होते लेकिन उन्हे कमजोर भावना व्यक्त करने से रोका जाता है जिसके कारण वह घुटन का शिकार हो जाते है । उन्हे अनेक तरह की बीमारियाँ घेर लेती है वह अपनी भावना को व्यक्त करने से घबराते है वह अनचाहे मजबूत बनने के चक्कर मे मन की बात मन मे रखते है जिसके कारण वह सामान्य जीवन नहीं जीते है । मन ही मन घुटते रहने के कारण वह जल्दी दुनियाँ से चले जाते है । औरत हमेशा मन का गुबार बोलकर निकाल देती है जिसके कारण लंबा जीवन जीती है ।
भारतीय पत्नी मजबूत और भरोसेमंद साथी होती है जिसपर लोग आँख बंद करके विश्वास करते है । उसके होने पर परिवार विपरीत स्थिति मे हमेशा सुरक्षित रहता है । सबसे पहले वह परिवार के हर सदस्य की रक्षा के लिए कवच बन जाती है उसके बाद ही बाहरी तत्व परिवार को हानि पँहुचा पाते है । पति भी परिवार के मामले मे पत्नी पर आँखमूँद कर विश्वास करते है । उन्हे बच्चों का सबसे बड़ा सहारा पत्नी नजर आती है । जिसके कारण वह बाहरी दुनियाँ की परेशानियों से टकरा जाता है ।
आधुनिक समय मे नारी के लिए पीछे चलना जरूरी नहीं है । मै पति से ज्यादा तेज चलती हूँ । क्योंकि नौकरी और घर की अधिकतर जिम्मेदारी संभालने के कारण काम तेजी से करने की आदत है जिसके कारण तेज चलती हूँ । पति तेजी से काम करना पसंद नहीं करते जो उनके हर काम मे दिखाई देता है । अब तेजी से काम करना मेरी आदत मे शुमार हो गया है । अधिकतर मध्यमवर्ग की औरते काम पूरा करने के चक्कर मे तेजी दिखाती है वरना उनका काम पूरा नहीं हो पाता है । अब समाज का दबाब भी पीछे चलने के लिए मजबूर नहीं करता है ।
जीवन मे कोई भी नियम स्थाई नहीं होते है । उनमे स्थायित्व देखना गलत है । जीवन बदलाव का दूसरा नाम है ।
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