सौंदर्य की परिभाषा क्या है?
Madhurima Pathak की प्रोफाइल फ़ोटो

सौन्दर्य मन का होता है । जिसका मन सुंदर होता है उसे हर तरफ सुंदरता दिखाई देती है । दुख के समय संसार की कोई चीज लुभा नहीं पाती है । संसार की सुंदरतम चीज निकृष्ट नजर आती है । इसलीये कई बार सुंदरता के मापदंड भी बेकार साबित होते है ।

हर स्थान और वातावरण के हिसाब से सुंदरता बदलती रहती है । कही काला रंग तो कही गोरा रंग सुंदरता के मापदंड तय करता है । अफ्रीकन देशों मे गोरा रंग महत्व रखता है तो यूरोपीयन देशों मे धूप मे रहकर खुद को सांवला बनाया जा रहा है तंबाई रंग वहाँ सुंदरता और अमीरी का परिचायक बन गया है ।

कद -काठी सभी देश -काल पर निर्भर करता है ।इस बात को पुरानी और नई फिल्मों के आधार पर भी साबित किया जा सकता है कुछ देशों मे गदराई औरते सुंदर कहलाती है तो कुछ जगह बेहद पतली औरत सुंदर कहलाती है ।पतली औरत को स्वस्थ समझा जाता है ।

नैन - नक्श भी देशों के हिसाब से बदलते रहते है । आजकल सुंदरता के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाई जाने लगी है । दक्षिण कोरिया मे लोग अधिकतर प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लेते है । प्राकृतिक सुंदरता से अधिकतर लोग असन्तुष्ट रहते है वहां अधिकतर पैसा सुंदरता बड़ाने पर खर्च किया जाता है । उसके बाबजुद लोग असन्तुष्ट जीवन जीते है । वहाँ आत्महत्या की दर अन्य देशों से अधिक है । वहाँ के सौन्दर्य उत्पादों की अन्य देशों मे मांग बहुत है ।उन्हे श्रेष्ठ समझा जाता है ।

मेरे ख्याल से सुंदरता जितनी बाहरी होती है उससे अधिक वह आंतरिक होती है । आप अपने परिवार मे रहते हुए सबसे सुंदर उन्हे समझते है जिनका व्यवहार अच्छा होता है अनजाने मे बचपन मे देखा हुआ सौन्दर्य मन मे बस जाता है । बाहर निकलने पर आप जो बचपन से देखा हुआ होता है उसकी तरफ अनजाने मे आकर्षित हो जाते है ।

जिसका व्यवहार अच्छा होता है वह हमेशा आपको मोहित करता है। दूसरों के विचार और व्यवहार आपको आकर्षित करते है । बाहरी रूपरंग बदलता रहता है सुंदरता हमेशा नहीं रहती है लेकिन व्यवहार हमेशा बना रहता है जिसके कारण आप अच्छे विचारों और व्यवहार के लोगों से मिलना हमेशा पसंद करते हो । यदि सुंदर इंसान का व्यवहार बुरा होता है उसके प्रति रुझान खत्म हो जाता है हम उससे दूरी बनाने लगते है ।

जीवन की हर चीज मे लय और गति आकर्षण का कारण बनती है उसे लगातार देखना पसंद करते है वह संसार की सभी चीजों मे हो सकता है । गतिहीन चीजे सुंदरता खो देती है ।

हमारे विचारों की सुंदरता उसकी अभिव्यक्ति से प्रकट होती है । वह जिस तरह से दूसरों के सामने लाया जाता है उससे इंसान प्रभावित होता है । आजकल सुंदरता के लिए अनेक उपाय किए जाते है अनेक चीजों पर पैसा खर्च किया जाता है जिससे दूसरों को प्रभावित किया जा सके । जैसे खाने से अधिक उसको पेश करने का तरीका मायने रखता है ।

जिससे देखकर आनंद मिलता है वह सुंदर है । आनंद और संतोष की भावना हमे किसी से विमुख नहीं करती है । वह मन मे मधुरता का अहसास दिलाती है जीवन मे मधुरता के लिए सभी काम किए जाते है।

जिसमे दया और करुणा का भाव होता है उसकी तरफ झुकाव होते देर नहीं लगती है । एक क्रूर इंसान को भी दूसरे की इंसानियत प्रभावित करती है। जीवन की सुंदरता निर्माण मे है नाश किसी को प्रभावित नहीं करता है । इंसान सुंदरता के साथ कुछ समय गुजार सकता है यदि व्यवहार अच्छा नहीं होता है तो उसकी सुंदरता से इंसान बेजार होने लगता है । सुंदरता और व्यवहार पूर्णता दिलाता है।

हिंसक जानवर के बच्चे भी सुंदर लगते है लेकिन बड़े होने पर उसका स्वरूप मन मे डर पैदा करता है । उसी प्रकार गुणों का सामंजस्य सुंदर है। उसमे लय ,संतोष और संतुलन मायने रखती है जितना बाहरी सुंदरता का महत्व है उतना ही आंतरिक सुंदरता प्रभावशाली बनाती है ।

सभी नए इंसान के सामने जाते वक्त उसे प्रभावित करने के अनेक उपाय करते है । क्योंकि पहला प्रभाव दूसरों पर अमिट छाप छोड़ता है जिसके कारण उसकी अनेक कमियाँ छिप जाती है । इस छाप के लिए अनेक उपाय किए जाते है।

सुंदरता के लिए बाहरी और आंतरिक सौंदर्य् का मिश्रण उसे पूर्णता देता है ।

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