रास्ते मुश्किल हों तो हिम्मत और बढ़ा लेना, ठोकर लगे तो खुद को फिर खड़ा कर लेना। क़िस्मत भी झुक जाएगी तेरे इरादों के आगे, बस अपने सपनों को दिल से लगा लेना। 🖋️ कलम-ए-खुशनुमा नाज़?
Madhurima Pathak की प्रोफाइल फ़ोटो

जब जीवन मे पहला कदम उठाते है वह हमेशा कठिन होता है उसके लिए शारीरिक के साथ मानसिक रूप से खुद को तैयार करना पड़ता है । शारीरिक रूप से सक्षम इंसान भी कभी मानसिक रूप से आगे बडने के लिए तैयार नहीं हो पाता है । इंसान आरामदायक जिंदगी जीना पसंद करता है जब थोड़ी सी भी परेशानी आती है तब अधिकतर लोगों को काम छोड़ने मे देर नहीं लगती है ।

आप कोई भी काम शुरू करे उसमे दिक्कत अवश्य आती है । लेकिन हम अपनी परेशानी को बड़ी और दूसरे की परेशानी को कम समझते है । जिसके कारण इंसान खुद को निरीह प्राणी समझता है जिसपर सभी को तरस खाना चाहिए । 99% लोग खुद को निरीह समझकर मदद मांगते दिखाई दे जाएंगे । केवल 1% लोग ही जीवन की रुकावटों का सामना हँसते हुए करते है वह जहां जाते है नए मुकाम पाते है ।

दूर से देखने वाले हमेशा उन्हे भाग्यशाली समझते है उनके अनुसार उनके जीवन मे कभी कोई रुकावट नहीं आई होती है वह भाग्य का दुलारा होता है भगवान की महर उसके ऊपर होती है जिसके कारण वह दर पर कदम आगे बड़ता जाता है ।

इतिहास मै नाम लिखाने वाले लोगों के जीवन मे साधारण इंसान से हमसे ज्यादा कठिनाई आती है लेकिन वह किसी के सामने अपने जीवन की मुश्किल के बारे मे नहीं बताते है लोग उनकी मुश्किल सुनना भी नहीं चाहते है वह केवल कामयाबी के किस्से सुनते है उसके कारण खुश होकर उसे भाग्य का दुलारा समझते है वह खुद को बदनसीब समझते हुए जिंदगी गुजार देते है ।

मुझे सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की पंक्तियाँ याद आ रही है जिसमे उन्होंने कहा है -

'दुख ही जीवन की कथा रही

क्या कहूँ आज जो नहीं कही । '

इन पंक्तियों मे उनके जीवन का दर्द झलकता है । उनके लंबे -चोड़े शरीर को कभी भरपेट खाना नसीब नहीं हुआ । जब तक जिए उनकी रचना से पैसा नहीं मिल सका । बाद मे उनकी कविताओ ने इतिहास मे ऊंचा मुकाम पाया । लेकिन वे जीवन भर काव्य रचना मे लगे रहे । इसमे आने वाली परेशानियों की कभी परवाह नहीं की । उनसे हताश नहीं हुए ।

सफल लोग मुश्किलों से घबराते नहीं है वे हमेशा परेशानी की उम्मीद करते है उनसे बाहर निकलने की कोशिश करते है जब तक उनका समाधान नहीं निकाल लेते है । उन्हे आरामदायक जिंदगी पसंद नहीं होती है यह उनकी आदत मे शुमार हो जाता है ।

वे दूसरों से मदद की उम्मीद करते है लेकिन उनपर पूरी तरह निर्भर नहीं रहते है । उन्हे आत्मनिर्भर बनना पसंद होता है अधिकतर सफल लोग जिसके साथ काम करते है उसके बारे मे सबसे पहले जानकारी हासिल करने की कोशिश करते है । उसके हावभाव पर निगाह रखते है । वह किसी के शब्दों पर विचार करने की अपेक्षा सभी संभावना के प्रति सजग रहते है वे कभी नहीं सोचते सामने वाला उनके हिसाब से काम करेगा वह हमेशा प्लान बी तैयार रखते है।

परेशानी आने पर काम अधूरा छोड़ने की अपेक्षा किसी अन्य तरीके से उसे पूरा अवश्य करते है । उन्हे निराशा नहीं घेरती । वे हमेशा जोश से भरे रहते है शरीर की बीमारियाँ उन्हे काम करने से रोक नहीं पाती है । वह रोगग्रस्त रहते हुए भी अपनी सभी इच्छा पूरी करते है । कभी जीवन और भगवान को दोष नहीं देते उन्हे अपनी मेहनत पर भरोसा होता है । वे गिरते और उठते रहते है ।

ट्रम्प के बारे मे कहा जाता है वह 12 बार दिवालिया हो चुके है आज भी सफल व्यवसायी है । उन्होंने सन 2000 मे अमरीका के राष्ट्रपति बनने का सपना देखा था जो 16 साल बाद पूरा हुआ उसके बाद 20 मे हारने पर भी दुबारा राष्ट्रपति बनने का सपना नहीं छोड़ा । फिर से राष्ट्रपति के पद पर आसीन हुए ।

जीवन मे ठोकर हर इंसान को लगती है कोई इससे अछूता नहीं रहता है । लेकिन जाबांज ही ऊंचाई छूते है अधिकतर ठोकर लगने पर मकसद भूल जाते है । जो परेशानियों के सामने टीके रहते है उनकी जिंदगी मे एक दिन बदलाव अवश्य आता है । भाग्य को भी उसके सामने झुकना पड़ता है ।

परेशानियों का डट कर सामना करने वाले अपने सभी सपने सच कर पाते है वरना सपने तो अधिकतर लोग देखते है । उन अधूरे सपनों के लिए दुनियाँ भर के लोगों और भगवान को दोष देने वाले लोग मिल जाएंगे ।पूर्ण सपने करने वालों से जीवन मे लोग प्रोत्साहित होते है । हारने वालों का जिक्र कोई करना पसंद नहीं करता है ।

मेरे ख्याल से बिना परेशानी के किसी का जीवन नहीं होता है । सफल इंसान परेशानी के समय भी जोश से भरे रहते है असफल हमेशा परेशानी मे भगवान और लोगों को दोष देकर अधूरा काम छोड़ देते है ।

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