सफलता का अर्थ केवल आर्थिक समृद्धि नहीं कहा जा सकता है । समृद्धि से इंसान एक पायदान आगे बड़ जाता है । यहाँ पर पँहुचने के बाद जीवन यापन की कठिनता खत्म हो जाती है । इंसान किसी अन्य चीज पर दिमाग लगा सकता है उसे मूल आवश्यकता की पूर्ति के बारे मे हर समय सोचने की जरूरत नहीं पड़ती है ।
आर्थिक समृद्धि समाज मे जीने के लिए जरूरी होती है इससे हमारी जरूरते पूरी होती है समाज मे सम्मान मिलता है जिसकी सभी को जरूरत होती है । इसके बिना जीना कठिन होता है । बिना पैसे के इंसान अपनी और अन्य के जीवन मे सुधार नहीं ला सकता है ।
आर्थिक रूप से समृद्ध इंसान को खुश करने के लिए अन्य लोग कोशिश करते रहते है जिसके कारण उनके लिए काम करना आसान हो जाता है वह अधिकतर लोगों की मदद से काम करते जाते है सभी को उनसे मदद की उम्मीद होती है जिसके कारण वक्त पड़ने पर सभी उनकी मदद करते है जीवन सहयोग के बिना नहीं चल सकता है वह आज जिसकी मदद करते है कल वही इंसान बुरे वक्त मे उसके साथ खड़ा होता है जिसके कारण आप भौतिक और मानसिक रूप से सशक्त होते है ।
अमीर इंसान दूसरों को मदद के लिए पैसे के द्वारा काम करने के लिए तैयार कर लेता है जीवन मे अधिकतर काम लाभ के लिए किए जाते है जिसके कारण पैसे वाले के लिए सहयोगी ढूँढना आसान होता है । जीवन मे आर्थिक समृद्धि के बिना जीवन जीना कठिन होता है ।
जो इंसान अपनी जरूरत पूरी नहीं कर पाता है वह किसी अन्य की जरूरत कैसे पूरी कर सकता है उसके अंदर समाज के प्रति कड़वाहट रहती है । क्योंकि वह समाज के लिए कुछ किए बिना सब पाना चाहता है समाज के लोग स्वार्थी होते है वह जब तक फायदा नहीं होता किसी के लिए कुछ करने के लिए तैयार नहीं होते है जब तुमने किसी के लिए कुछ नहीं किया तो समाज के लोग आपके लिए क्यों कुछ करेंगे । इसलीये वह भौतिक और मानसिक रूप से हमेशा असन्तुष्ट रहता है ।
समृद्ध इंसान का आत्मविश्वास बड़ा होता है जिसका असर उसकी आवाज और व्यवहार पर पड़ता है जो भी उसके करीब आता है वह प्रभावित होता है । यह प्रभाव उसके काम को आसान बना देता है अमीर इंसान की सफलता का % बड़ जाता है । उसके रहन सहन और व्यवहार से लोग खुश होते है ।
जीवन का उद्देश्य खुश रहना और दूसरों को सुख देना होता है जिसके कारण अधिकतर अमीर इंसानों के पास लोगों की भीड़ होती है उसकी हर इच्छा की पूर्ति करने के लिए लोग जीजान लगा देते है ।
गरीब इंसान से बात करने से भी लोग चूकते है जबकि गरीब इंसान उनसे कुछ मांग नहीं रहा होता है लेकिन भविष्य मे वह मांग सकता है इस कारण लोग उससे दूरी बनाने लगते है । लोगों मे पाने की इच्छा देने से अधिक प्रबल होती है ।
अमीर इंसान विपरीत स्थिति मे भी काम करके सफलता हासिल करते है वह कभी जीवन मे हालत और लोगों को दोष नहीं देते है वह हमेशा हालत बदलने की उम्मीद रखते है जिसके कारण वह एक दिन हालत बदल देते है उनके अलग तरह से सोचने का तरीका हालत को बदल देता है वह हमेशा हर चीज को सकारात्मक रूप मे लेते है वही सकारात्मक सोच जीवन मे बदलाव लाती है । इसे उसकी मानसिकता कहा जा सकता है ।
सफल इंसान साधारण इंसान से अधिक काम करता है यदि वह व्यस्त होता है तब भी वह दूसरों के काम के लिए समय निकाल सकता है आपने सुना होगा हर इंसान के पास केवल 24 घंटे होते है सफल इंसान जीवन मे अपने हर उद्देश्य की पूर्ति करता है जबकि असफल इंसान निराश होकर सभी को असफलता के लिए दोष देता रहता है ।
मेरे ख्याल से वह इंसान सफल कहलाता है जिसने सोचे हुए उद्देश्य की प्राप्ति की है । उद्देश्य प्राप्ति करना कठिन होता है इस जद्दोजहद मे बहुत मुश्किल सामने आती है इन सबके बाबजुद जिसने उद्देश्य पा लिया वह सफल हो गया । एक किसान ,व्यापारी, साधारण इंसान और ग्रहणी के उद्देश्य अलग होते है वह एक जैसा नहीं चाहते है जैसे माँ के लिए बच्चों को अच्छे संस्कार देकर बड़ा करना सफलता है । किसान के लिए अच्छी फसल पैदा करना सफलता है । व्यापारी के लिए काम मे मुनाफा कमाना सफलता है जबकि साधारण इंसान के लिए घर की जरूरत पूरी करना सफलता है । इसलीये सभी के लिए सफलता के मापदंड अलग होते है । अपने उद्देश्य तक पँहुचने वाले सभी इंसान सफल कहला सकते है ।
कुछ लोग मेहनत करके सफलता पाते है उन्हे मेहनत करने से खुशी मिलती है कुछ बिना मेहनत के सफलता चाहते है वे अधिकतर नाकाम साबित होते है । मेहनती होकर सफलता पाना उद्देश्य पूर्ति मे सहायक होता है । मेहनती इंसान के लिए प्राप्य सुखद होता है वह मानसिक शांति का अनुभव करता है ।
जीवन मे मानसिक शांति और खुशी मायने रखती है कुछ लोग अन्य लोगों से अधिक पाकर भी दुखी रहते है उनकी सफलता मायने नहीं रखती है आर्थिक समृद्धि के साथ सुख का अहसास अधिक मायने रखता है । जिसे रूखी रोटी संतुष्ट कर सकती है वह अधिक सुखी है जबकि पैसों के अंबार पर बैठा बीमार इंसान अपनी इच्छा से खा नहीं सकता असफल कहा जा सकता है । क्योंकि वह अपने शरीर का ध्यान न रख सका । जीवन का हर सुख शरीर के माध्यम से पाया जा सकता है जिसके कारण शरीर के महत्व को नकारा नहीं जा सकता है ।
जिस इंसान का विपरीत स्थिति मे हौंसला बना रहे वह सफल है क्योंकि अपनी पसंद के हालत सभी के जीवन मे नहीं आते है । अधिकतर लोगों को विपरीत स्थिति मे काम करना पड़ता है जिसके लिए मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है ।
इंसान को हर विपरीत और अच्छी स्थिति मे सीखने का गुण बनाए रखना चाहिए क्योंकि सीखा हुआ गुण हमेशा काम आता है नया सीखने वाला खुश रहता है । वह हमेशा उम्र को भूल जाता है ।
इस तरह का इंसान हर सपने को साकार करता है वह हर सपने को पूरा करने के लिए पर्याप्त मेहनत करके खुशी पाता है । जो इंसान रुक जाता है उसकी खुशियां भी विश्राम करती है वह कुछ भी नया नहीं करता है जीवन मे नयापन सुखद एहसास दिलाता है ।
हर इंसान बेहतर जिंदगी की उम्मीद करता है जो अपने जीवन को बेहतर बना सकता है उसे सफल कहा जाता है ।मानसिक शांति के बिना सुख नहीं मिल सकता है इसलीये आर्थिक समृद्धि से अधिक महत्व मानसिक सुख और शांति का होता है।आर्थिक समृद्धि और मानसिक सुख सफलता के साथ मायने रखते है ।
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