रैना बेहद सीधी -सादी लड़की थी उसके जितनी सीधी लड़की बहुत कम दिखाई देती है । उसको समझना बहुत मुश्किल होता है । इतनी तेज रफ़्तार जिंदगी में इतनी सीधी लड़कियाँ मिलती नही है । इसलिए उस पर यकींन करना और भी मुश्किल होता है। लोग अधिकतर कहते थे ये नाटक कर रही है । उस समय उसकी जिंदगी उलझनों से भरी हुई थी । रैना की शादी को अधिक समय नहीं हुआ था । उस परिवार में उसके सास -ससुर , और पति रहते थे । उसके परिवार में सभी उससे अच्छा व्यवहार करते थे । पर सास थोड़ी तेज स्वभाब की थी वो उसको सुना देती थी । ये बाते उसके मन को चुभ जाती थी । रैना सास को पलट कर जबाब नही देती थी । लेकिन अंदर ही अंदर सोचती रहती थी जिसके कारण वह बीमार पड़ जाती थी । उसके ससुर और पति बहुत संवेदनशील थे । वे रैना का दर्द समझते थे । उसको संभालने की बहुत कोशिश करते थे रैना का अपने विचारो पर बस नही चलता था ।
इसी कारण से रैना का दो बार गर्भपात हो चूका था । डॉक्टरों के अनुसार उसकी बीमारी की जड़ उसकी सोच है ।उसे अच्छे माहौल में रखा जाए तभी सब कुछ ठीक होगा वरना ये मानसिक रोगी बन जाएगी । तब उसकी हालत सास के सामने रखी गयी सास ऐसी बीमारी मानने को तैयार नहीं हुई । उसने इसे रैना का नाटक करार दिया । और ज्यादा उस पर गुस्सा करने लगी। दिनो दिन रैना की तबियत बिगड़ती जा रही थी । उसके ससुर और पति ने आपस में सलाह करके इस मुसीबत में से निकलने के बारे में विचार किया पर उसका हल नही निकाल सके । उनके अनुसार सास और बहु दोनों को समझाना मुश्किल है । सास अपने स्वभाव को बदलने के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी । उसे रैना की बीमारी ढकोसला लगती थी । रैना मानसिक रूप से मजबूत नहीं थी । उसका बचपन बड़े प्यार बिता था उसे पता ही नही था जिंदगी में कभी कड़वा भी सुनना पड़ेगा । घर की सबसे बड़ी बेटी होने के कारण उसने कभी ऐसे माहौल का सामना ही नहीं किया था । सब कुछ समझते हुए भी वो अपने विचारो पर नियंत्रण नही रख पाती थी । उसकी भूख प्यास सब मिट गयी थी । वह हड्डियों का ढांचा मात्र लगती थी । तब भी उसकी सास का मन नही पसीजता था । सास अपना व्यव्हार बदलने के लिए तैयार नही थी । परिवार वालो की सभी बाते सास को मनगड़ंत लगती थी ।
बहुत विचार विमर्श के बाद उसके ससुर ने रैना को अलग मकान में रखने के बारे में सोचा । ऐसे माहौल में तो रैना मर जाएगी । उसके पति बैंक में नौकरी करते थे । कुछ ससुर ने मकान के लिए पैसे दिए कुछ पति ने बैंक से ऋण लिया । उन्होंने छोटा सा रैना को मकान खरीद कर दे दिया । वह दूसरे मकान में आकर रहने लगी । रैना को अब कोई सुनाने वाला नहीं था । पति उसका ध्यान रखते थे । धीरे -धीरे रैना की तबियत में सुधार होने लगा । सास को अब भी ये सब उसका अलग रहने का बहाना लगता था। उसे अभी भी वो बहुत चालवाज और बहानेबाज कहने से ना चुकती थी
इसी कारण से रैना का दो बार गर्भपात हो चूका था । डॉक्टरों के अनुसार उसकी बीमारी की जड़ उसकी सोच है ।उसे अच्छे माहौल में रखा जाए तभी सब कुछ ठीक होगा वरना ये मानसिक रोगी बन जाएगी । तब उसकी हालत सास के सामने रखी गयी सास ऐसी बीमारी मानने को तैयार नहीं हुई । उसने इसे रैना का नाटक करार दिया । और ज्यादा उस पर गुस्सा करने लगी। दिनो दिन रैना की तबियत बिगड़ती जा रही थी । उसके ससुर और पति ने आपस में सलाह करके इस मुसीबत में से निकलने के बारे में विचार किया पर उसका हल नही निकाल सके । उनके अनुसार सास और बहु दोनों को समझाना मुश्किल है । सास अपने स्वभाव को बदलने के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी । उसे रैना की बीमारी ढकोसला लगती थी । रैना मानसिक रूप से मजबूत नहीं थी । उसका बचपन बड़े प्यार बिता था उसे पता ही नही था जिंदगी में कभी कड़वा भी सुनना पड़ेगा । घर की सबसे बड़ी बेटी होने के कारण उसने कभी ऐसे माहौल का सामना ही नहीं किया था । सब कुछ समझते हुए भी वो अपने विचारो पर नियंत्रण नही रख पाती थी । उसकी भूख प्यास सब मिट गयी थी । वह हड्डियों का ढांचा मात्र लगती थी । तब भी उसकी सास का मन नही पसीजता था । सास अपना व्यव्हार बदलने के लिए तैयार नही थी । परिवार वालो की सभी बाते सास को मनगड़ंत लगती थी ।
बहुत विचार विमर्श के बाद उसके ससुर ने रैना को अलग मकान में रखने के बारे में सोचा । ऐसे माहौल में तो रैना मर जाएगी । उसके पति बैंक में नौकरी करते थे । कुछ ससुर ने मकान के लिए पैसे दिए कुछ पति ने बैंक से ऋण लिया । उन्होंने छोटा सा रैना को मकान खरीद कर दे दिया । वह दूसरे मकान में आकर रहने लगी । रैना को अब कोई सुनाने वाला नहीं था । पति उसका ध्यान रखते थे । धीरे -धीरे रैना की तबियत में सुधार होने लगा । सास को अब भी ये सब उसका अलग रहने का बहाना लगता था। उसे अभी भी वो बहुत चालवाज और बहानेबाज कहने से ना चुकती थी
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