कई परिवारो और जातियों में अजीव से रीति -रिवाज हे जिनपर आज के समय में यकीन करना बहुत मुश्किल हो जाता हे । ये बाते मै दिल्ली शहर में रहने वाले सम्भान्त लोगो की बता रही हु पहले पहल तो मुझे भी यकीन नही आया था । हमारे सहकर्मी रघुवीर सिंह के परिवार को मेने किसी पार्टी वगेरह में आते नहीं देखा था । मै उन्हें कई वर्षो से जानती हूँ ।मुझे लगता था कि उनके परिवार के लोग कम पढ़े -लिखे या समाज में उठने -बैठने लायक नहीं होंगे इसलिए अपने साथ नहीं लेकर आते ।एक बार उनके घनिष्ठ मित्र की पार्टी में उनकी पत्नी और बच्चो को देखा में हैरान हो गयी उनकी पत्नी बहुत सुन्दर हे । कोई भी पति इतनी सुन्दर पत्नी के साथ चलने पर गौरवान्वित महसूस करेगा । उनकी दोनों बेटिया भी सुंदरता में कम नही थी पूरा परिवार समाज में इज्जत दिलाने लायक हे पर रघुवीर जी अपने परिवार को कही भी लेकर नही जाते थे । हमें ये बात समझ नही आती थी । हमारे जोर देने पर हमेशा बात को हंसी में उडा देते थे । इसी बीच उनकी बेटी की सरकारी नौकरी लग गयी । 6 महीने के अंदर ही उन्होंने अपनी बेटी की शादी एक सुन्दर, सुयोग्य , सरकारी कर्मचारी से कर दी । कुछ समय बाद रघुबीर जी की बेटी के घर एक सुन्दर सी ;बेटी का जन्म हुआ । सभी लोग उसके आने से बहुत खुश थे ।
पिछले दिनों रघुबीर सिंह जी की रिटायरमेंट पार्टी थी । हम सबने उनपर बहुत जोर दिया । ये पार्टी आपके लिए हे । आपका पूरा परिवार आना जरूरी है । उन्होंने कहा -" ठीक हे । " पार्टी वाले दिन उनकी पत्नी हमें दिखाई नहीं दी । हमारे यहाँ दो पार्टी दी जाती है । पहली पार्टी रिटायर होने वाले देते है । इस पार्टी का खर्च रघुवीर जी की तरफ से था । इसलिए हमे पूरी उम्मीद थी उनकी पत्नी आएगी । जब उनकी पत्नी को नहीं देखा हम सबने उन्हें घेर लिया तब उन्होंने कहा -"-"अभी परिवार के ओर लोग आये हे अगली बार पत्नी को लेकर जरूर आऊंगा ।" मुझे बहुत हैरानी हुई । हम पीछे पड़ गए ।" ये कोई बात नहीं हे जब इतने लोग आये है आप उन्हें अभी बुलबाओ ।" उनका जबाब सुनकर हम हैरान रह गए । उन्होंने कहा _ " मेरी पत्नी दामाद के सामने नही आएगी । हमारे समाज में सास और दामाद एक जगह ,एक दूसरे के सामने नही आते ।"मुझे समझ; नही आ रहा था आज के समय में लोगो की कमी के कारण ससुर-बहु आपस में बात करने लगे हे ऐसे मै सास और दामाद का एक दूसरे के सामने ना आना मेरी बुद्धि से परे की बात थी ।
हमने पूछा - " आपके घर में दामाद के सामने समान कौन लाकर रखता है ।" उन्होंने कहा -" मै रखता हूँ ।" मैने कहा -"अगर आप घर में न हो और दामाद आ जाए । तब क्या होगा ।" उन्होंने कहा -" ऐसा कभी नही हुआ ।" मुझे लगा 3 लोगो के परिवार में ऐसा हुआ जब दामाद और सास अकेले घर होंगे तब वे आपस में कैसे बात करेंगे । जबकि दामाद और सास के बीच में माँ -बेटे जैसा रिश्ता होता हे । तब भी आज के युग में सास और दामाद एक दूसरे के सामने ना आये मेरे लिए अचंभित करने जैसी बात हे आज के समय में ऐसी रुढिया तोड़ने के लिए लोग तैयार नही हे । ऐसे निभाना कितना मुश्किल हो जाता हे ।
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