public private partnership in indore

                इंदौर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनर शिप 

 


   इंदौर में  पब्लिक प्राइवेट पार्टनर शिप का अच्छा उदाहरण मिलता है। केवल सरकार के भरोसे किसी शहर को स्वच्छ रखना बहुत मुश्किल है। ये पार्टनर शिप भारत में केवल इंदौर में सफल साबित हुई है। इंदौर में कुवैत की कम्पनी को सहयोग के लिए बुलाया गया है।

      यहाँ पर घरो से ही गीला  और सूखा कूड़ा अलग करने पर जोर दिया जाता है। जो इन दोनों को मिश्रित कर देते है। अगले दिन उनसे कूड़ा नहीं लिया जाता या उनपर जुर्माना  लगाया जाता है। ताकि लोग गलती करने से पहले सोचे। 

        लोगो को हरे कचरे से खाद बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ताकि घरेलू कूड़ा कमसकम निकले। क्योंकि रसोई के कूड़े का सही प्रबंधन नहीं होने के कारण ही प्रदूषण की समस्या उतपन्न हो रही है। जगह -जगह खाद बनने  के कारण हरियाली को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। पानी को साफ करके नदियों में छोड़ा जा रहा है। 

      यदि कोई गलती से सड़क पर कूड़ा फ़ैलाने की कोशिश करता है। उसे अनेक तरह से शर्मिंदा करने का अभियान भी चलाया  जा रहा है। लोग सफाई के प्रति बहुत जागरूक हो गए है। इसके कारण इंदौर में प्रदुषण की समस्या भी आधी रह गई है। 

      इंदौर में सफाई कर्मचारियों को सड़को की सफाई रात  को करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिसके कारण सुबह उठने पर सड़को पर सफाई होती दिखाई नहीं देती है। न ही धूल उड़ती दिखती है। कूड़े के ट्रक भी सड़को पर दिखाई नहीं देते है। पहली बार मुझे  वहां जाने पर ऐसा माहौल मन में हैरानी पैदा कर रहा था। 

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