#SPECIAL DARSHAN IN MAHAKALESHWAR TEMPLE

                महाकालेश्वर मंदिर में विशेष दर्शन 


 इस मंदिर में विशेष दर्शन की पंक्ति में खड़े हुए हमें काफी समय हो गया था। काफी समय बाद एक औरत ने आकर कहा - किसने विशेष टिकट ली है। मैंने कहा -हमने।  तब उन्होंने हमें दूसरी पंक्ति में जाने के लिए कहा। हम खुश हो गए। चलो हम जल्दी दर्शन कर लेंगे।  लेकिन इस पंक्ति में VIP   दर्शन हो रहे थे। जिससे हम चूक गए।     

           हमे इसका मतलब पता नहीं था। इस पंक्ति वाले लोग खास शिवलिंग तक पहुंच सकते थे। लेकिन इस पंक्ति वाले कुछ सामान अपने साथ नहीं ले जा सकते थे इसलिए  उससे पहले उस पंक्ति वालो ने हमारी प्रसाद की टोकरी अलग रखवा दी थी। हमे लगा ऐसा ही चलन होगा।  पहली  पंक्ति  के लोग बहुत छोटे दरवाजे से अंदर जा रहे थे। बाद में पता चला वह पंक्ति बिलकुल शिवलिंग पर जाने वालो की थी। 

         दूसरी पंक्ति के लोगो को बहुत जल्दी दर्शन मिल गए। लेकिन वह काफी दूर से करवाए जा रहे थे। 250 /- की टिकट लेने पर जल्दी दर्शन हो गए जो  बहुत दूर से करवाए जा रहे थे। वहां पर लोग प्रसाद की टोकरी भी ले जा रहे थे। 

        मेरे साथी ने यहां पर टोकरी के साथ लोगो को देखा तब वह वापस जाकर अपनी टोकरी ले आयी। हमारी लाइन प्रसाद की टोकरी लेने वालो के पास थी। इसलिए हमने उन्हें अपनी टोकरी दी जिसमे उन्होंने कुछ प्रसाद लेकर कुछ प्रसाद वापस डालकर हमे कृतार्थ किया। इस समय इतनी भीड़ थी कि  सुरक्षा कर्मचारियों ने हमे आगे बढ़ने के लिए कहा। हमारा मन उस अनुपम दृश्य  को देखने से भरा नहीं था। लेकिन अनिच्छा से आगे बढ़ना पड़ा। 

         हमारे बाद बिना टिकट वालो की पंक्ति थी उनमे बहुत भीड़ थी। लेकिन उनके दर्शनों और हमारे दर्शन करने में कोई विशेष अंतर् नहीं था। वे भी दूर से दर्शन कर  रहे थे। हम भी एक पंक्ति पहले दर्शन कर रहे थे। उनके लिए प्रसाद ले जाने की जरूरत नहीं थी। क्योंकि प्रसाद लेने वाले उनसे बहुत दूर थे। जिसके कारण उनका प्रसाद उनके हाथो में रह गया।  बस समय का अंतर पड़ा था। वरना  हमने और उन्होंने दूर से ही दर्शन किये। 

       यदि आपके अंदर तक शिवलिंग तक पहुंचने की इच्छा है तब आपको पहले रजिस्ट्रेशन करवा कर  VIP दर्शनों की कोशिश करनी पड़ेगी। टिकट से काम नहीं चलेगा। उसके लिए विशेष पास दिए जाते है। 

       

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