इंदौर में औंकारेश्वर मंदिर
भारत में 12 ज्योतिर्लिंग है उनमे से ओंकारेश्वर मंदिर इंदौर में है।यह इंदौर में स्थित नहीं है। बल्कि इंदौर के पास खंडवा जिले में है। इंदौर स्टेशन से हम बस से औंकारेश्वर मंदिर के लिएचले। वहां पहुंचने में हमे काफी समय लग गया। रस्ते में हमे गर्म -गर्म समोसे मिल गए क्योंकि हम सुबह सात बजे की बस से चले थे इसलिए भूख लगने लगी थी यहाँ की जलेवियां और समोसे बहुत स्वादिस्ट लगे।
बस स्टेशन से मंदिर तक ऑटो वाले ने 10 रु एक सवारी के वसूले। ये हमें ज्यादा नहीं लगे। स्टेशन से सभी लोग मंदिर तक पहुंचने वाले ही थे। जिसे देखकर लग रहा था। यदि मंदिर नहीं होता तो सारे रस्ते सूने पड़े होते। ऑटो वाले ने पुल के पास हमें छोड़ा। उसे पार करके हमें मान्धाता द्धीप पर जाना था। उस पुल पर हमें अनेक पटरी पर लगने वाली चीजों की दुकाने मिली। जहाँ से लोग खरीदारी कर रहे थे। उन्ही दुकानों पर लोग प्रसाद लेने और जूते रखवा रहे थे। लेकिन हमने सही स्थान पर ही जूते रखे। जो वहां से बहुत दूर था। . वरना हमें बहुत दूर नंगे पांव चलना पड़ता।
यहां पर इंदौर जितनी सफाई नहीं थी। हमने औंकारेश्वर मंदिर से ही प्रसाद खरीदा और दर्शन के लिए पंक्ति में खड़े हो गए। यहाँ पर हम आखरी लोग थे जिन्होंने दोपहर से पहले दर्शन किये उसके बाद एक घंटे के लिए द्वार बंद कर दिए गए।
मंदिर की वास्तुकला बहुत सूंदर थी। हरेक खम्भे पर अद्भुत मूर्तियां उकेरी गयी थी। हमने मूर्ति के दर्शन करके खुद को खुशनसीब माना।
बाहर निकलने पर हमें आध्यात्मिकता का अद्भुत अहसास हुआ। मानो ईश्वर के साक्षत दर्शन हो गए है।
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