indore ka kanch mandir

                          इंदौर का कांच मंदिर 

       

 

  इंदौर में जैन धर्म के लोगो ने कांच का मंदिर बनाया है। इसे बहुत कम लोग जैन मंदिर के नाम से जानते है। अधिकतर इसे कांच के मंदिर कह कर  बुलाना पसंद करते है। क्योंकि इसमें चारो तरफ यहाँ तक की छत्त पर भी कांच का इस्तेमाल हुआ है।
            इसमें  जैन धर्म के लोग ही नहीं बल्कि अन्य धर्मो के लोग भी देखने के लिए आते है। इसे देखकर उनकी आंखे खुली रह जाती है। .यहाँ पर सोने और चाँदी  की बहुत -बड़ी और सूंदर वस्तुए भी रखी है।  जिनका वजन कई किलो तक हो सकता है। उनका आकर ही इतना बड़ा है जिसे देखकर लगता है इन्हे बिना गाड़ियों के उठाया नहीं जा सकता। इसकी सुरक्षा के विशेष प्रबंध किये गए है। जिन्हे देखकर इस मंदिर की अमीरी का अहसास होता है।                 इससे पहले भी मैंने  कांच का काम देखा है। लेकिन मैंने  इतना सुंदर और भव्य मंदिर इससे पहले नहीं देखा था। यह कई सालो में बनकर तैयार हुआ था। इसमें बहुत बारीक़ काम किया गया है। इसे बनाने के लिए सेठ  हुकुमचंद जैन  ने प्रण किया  था।
      इसे 1903  में बनाना शुरू किया था। इसके निर्माण में काफी साल लगे थे। इसमें बहुत  सारा सामान विदेशो से भी मंगवाया गया था।   ये शिल्पकला के हिसाब से उत्तम है। हैरानी की बात है   इसमें पूजा -पाठ  भी होता है। उस समय सामान्य जनता का प्रवेश मना  होता है। ये जागृत मंदिर है इसमें पूजा करके इच्छाओ की पूर्ति भी की जाती है।  ये आबादी  के बीच   में है जिसके कारण शोर गुल रहता है। बाहर के कमरे में कांच के ऊपर थोड़ा धुंधलापन दिखाई दे जायेगा लेकिन  अंदर की कलाकृतियां साफ सुथरी और मन मोहक है। इतने विस्तृत क्षेत्र में इतनी अच्छी पच्चीकारी मैने इससे पहले नहीं देखी है। 

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