# ujjain ka dusra nam padmavati

                  उज्जैन का दूसरा नाम पद्मावती 


          उज्जैन का एक  और नाम पद्मावती है। इसका वर्णन आपको स्कंदपुराण ,ब्रह्म पुराण में मिलता है। यह नाम आपको कालिदास ,बाणभट्ट ,शूद्रक आदि के काव्य ,नाटकों तथा पाली एवं प्राकृत ग्रंथो में मिल जायेगा। आजकल इसे पद्मावती के नाम से जानने वाले लोग बहुत कम है। 

    समुद्र मंथन की कथा यदि आपने सुनी है तब आप इसे अच्छी तरह से समझ सकेंगे। सुर और असुर ने समुद्र के अंदर की चीजे प्राप्त करने के लिए एक साथ मंथन किया था।  तब उस मंथन से 14  रत्न प्राप्त हुए थे। उन रत्नो का बंटवारा करने के लिए सारे  देव और दानव इसी जगह इकठे हुए थे। रत्न प्राप्त करने के बाद देवताओ ने कहा - इस उज्जैनी में हम सबको रत्न प्राप्त हुए है अत: पद्मा अर्थात लक्ष्मी यहां हमेशा निश्चल  निवास करती रहेगी और तभी से इसका नाम पद्मावती हो  गया.  लक्ष्मी का अन्य नाम पद्मा भी है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...