आज हमारे विद्यालय में बिजली और पानी दोनों नही थे। जिसके कारण जल बोर्ड से पानी का टेंकर मंगवाया गया। पानी का टेंकर देखकर हमें बहुत हैरानी हुई। वह टेंकर एक बार चालू होने के बाद उसका पानी बंद करने का कोई तरीका नही था। गर्मियों में पानी सबकी जरूरत होती है। पानी को देखकर सबकी बांछे खिल जाती है। पानी के टेंकर के लिए फोन करते ही टेंकर आ गया। हम उसे देखकर हैरान हो गए। इतनी जल्दी टेंकर पहुँच गया था। .
पानी बहुत जयादा था। उसको देखकर लग रहा था यदि इसका पानी घर के बड़े टेंक में डलबा लिया जाये तो उससे बड़े परिवार का गुजारा एक महीने तक चल जाये। टेंकर में नल का आभाव उसे आधे दिन में ही ख़त्म कर देगा।हम भी बहते हुए जल को देख रहे थे। उसको रोकने का हमारे पास कोई उपाय नही था। हम बच्चो को हर चीज का सदुपयोग करना सिखाते है। ऐसे में हम बच्चो को कुछ नही कह पा रहे थे।
वहाँ पानी बहुत ज्यादा गिर गया था। उसके कारण चारो तरफ कीचड़ हो गयी थी। बच्चे संभल कर पानी पीने न आये तो वही कीचड़ में गिर रहे थे. मेने कई . बच्चो को कीचड़ के कारण गिरते देखा है। यदि कोई बड़ा इंसान इतनी बुरी तरह से गिर जाये तो उसे बिस्तर से उठने में ही एक हफ्ता लग जाये। पर बच्चे तो बच्चे होते है। उनको पानी में गिरना भी एक मनोरंजन का साधन था। वे कीचड़ से लिपटे हुए फिर से उठ खड़े होते थे। हम भी उनकी प्यास और पानी के बीच में व्यवधान पैदा नही कर सके।
मैने कई बार रास्ते में पानी का टेंकर जाते हुए देखा है उसमे से पानी इतनी अधिक मात्रा में गिर रहा होता है कि आस -पास वाले भीग जाये। इसलिए लोग पानी के टेंकर से दूरी बना कर चलते है। हमने कई जगह लिखा देखा है "पानी ही जीवन है। " इस जीवन के लिये लोगो को परेशान देखा है। जीवन के सारे काम इसके अभाव में रुक जाते है। पानी हमारी सबसे बड़ी जरूरत है। इसकी बर्बादी रोकी जाये। "बिन पानी सब सून "कहाबत आपने सुनी होगी। यह कहाबत ही नही सच्चाई है। यदि पानी उचित तरीके से पहुंचाया जाये तो सबकी जरूरत पूरी हो सकती है।
आवश्यकता से अधिक पानी का प्रयोग करना। उसको बहने देना। इसी कारण पानी की कमी होती है।
पानी बहुत जयादा था। उसको देखकर लग रहा था यदि इसका पानी घर के बड़े टेंक में डलबा लिया जाये तो उससे बड़े परिवार का गुजारा एक महीने तक चल जाये। टेंकर में नल का आभाव उसे आधे दिन में ही ख़त्म कर देगा।हम भी बहते हुए जल को देख रहे थे। उसको रोकने का हमारे पास कोई उपाय नही था। हम बच्चो को हर चीज का सदुपयोग करना सिखाते है। ऐसे में हम बच्चो को कुछ नही कह पा रहे थे।
वहाँ पानी बहुत ज्यादा गिर गया था। उसके कारण चारो तरफ कीचड़ हो गयी थी। बच्चे संभल कर पानी पीने न आये तो वही कीचड़ में गिर रहे थे. मेने कई . बच्चो को कीचड़ के कारण गिरते देखा है। यदि कोई बड़ा इंसान इतनी बुरी तरह से गिर जाये तो उसे बिस्तर से उठने में ही एक हफ्ता लग जाये। पर बच्चे तो बच्चे होते है। उनको पानी में गिरना भी एक मनोरंजन का साधन था। वे कीचड़ से लिपटे हुए फिर से उठ खड़े होते थे। हम भी उनकी प्यास और पानी के बीच में व्यवधान पैदा नही कर सके।
मैने कई बार रास्ते में पानी का टेंकर जाते हुए देखा है उसमे से पानी इतनी अधिक मात्रा में गिर रहा होता है कि आस -पास वाले भीग जाये। इसलिए लोग पानी के टेंकर से दूरी बना कर चलते है। हमने कई जगह लिखा देखा है "पानी ही जीवन है। " इस जीवन के लिये लोगो को परेशान देखा है। जीवन के सारे काम इसके अभाव में रुक जाते है। पानी हमारी सबसे बड़ी जरूरत है। इसकी बर्बादी रोकी जाये। "बिन पानी सब सून "कहाबत आपने सुनी होगी। यह कहाबत ही नही सच्चाई है। यदि पानी उचित तरीके से पहुंचाया जाये तो सबकी जरूरत पूरी हो सकती है।
आवश्यकता से अधिक पानी का प्रयोग करना। उसको बहने देना। इसी कारण पानी की कमी होती है।
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