UJJAIN SAFE CITY

               उज्जैन का माहौल सुरक्षित 

 


          जब भी आप उज्जैन जायेंगे तब आपको भस्म आरती देखने की इच्छा जरूर होगी। बिना भस्म आरती देखे   आपको उज्जैन में मजा नहीं आएगा। भस्म आरती के लिए पंक्तियाँ रात  एक बजे से लगनी शुरू हो जाती है। जब रात  एक बजे से पंक्तियाँ लगती है। तब यात्रियों को रात  में रुकना जरूरी हो जाता है। आप रात  एक बजे  मंदिर में जाने के लिए तभी निकलना पसंद करोगे जब आप सुरक्षित होगे । असुरक्षा के कारण कोई भी रात  को बाहर नहीं निकलना चाहेगा। इसलिए रात  को निकलने से नहीं डरना चाहिए। आप खुद को सुरक्षित महसूस करेगे। 

         वहां महाकालेश्वर मंदिर के कारण आसपास रौनक होती है। इस समय अधिकतर भक्त और श्रद्धालु दिखाई देंगे। यहाँ की आबादी ज्यादा नहीं है। आसपास का माहौल ठीक है। 

       रात  में ठहरने से राजनीतिज्ञो   को डरना चाहिए। कहा  जाता है- जो भी शासक रात  के समय उज्जैन में रुकता है। उसकी सत्ता चली जाती है.  भारत के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई और कर्नाटक के मुख्यमंत्री Y  S  येदियुरप्पा एक बार रात  में उज्जैन में रुके थे। उनकी उसके बाद सत्ता चली गई। उसके बाद कोई भी इस मिथक को तोड़ने की हिम्मत नहीं करता। क्योंकि सत्ता में आना बहुत मुश्किल होता है। इसे छोड़ने का मोह बहुत दुखदाई होता है।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...