महान विक्रमादित्य
उज्जैन के राजा विक्रमादित्य का नाम आप सबने सुना होगा। वह बहुत न्यायप्रिय थे। उनके राज्य में जनता खुशहाल थी। लेकिन ये आज के ग्रिगेरिएन कैलेंडर से पहले हुए है। उन्होंने विक्रम संबत नाम से एक कैलेंडर चलाया था। जिसे हम हिन्दू कलेंडर के नाम से जानते है विक्रम कैलेंडर अंग्रेजी कलेंडर से 57 साल पहले से लागु हो गया था। यानि आज का कैलेंडर सं 2022 दिखा रहा है तो विक्रम संबत में 2079 का समय होगा।
विक्रमादित्य का समय जीजस से पहले का था। ये केवल कहानी नहीं है। बल्कि इसके सबूत इतिहास में दिखाई देते है। विक्रमादित्य इतने प्रसिद्ध राजा थे कि बाद के 14 राजाओ ने इसे पदवी की तरह इस्तेमाल किया। चन्द्रगुप्त द्वितीय और आखिरी राजा हेमचन्द्र ने अपने नाम के साथ विक्रमादित्य जोड़ा था। आज कुछ लोग इसे सच्चाई के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होते। लेकिन इनकी न्यायप्रियता के सभी कायल है।
विक्रमादित्य के पिता का नाम गंधर्वसेन था। जिनकी शक राजाओ ने हत्या कर दी। बाद में विक्रमादित्य ने अपने पिता की हत्या का बदला लिया था। उनके भाई का नाम भतृहरि था। वह एक प्रसिद्ध राजा हुए है। भतृहरि के वैराग्य लेने के बाद विक्रमादित्य ने उनके राज्य की शासन व्यवस्था भी अच्छे तरीके से संभाली थी।
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