उज्जैन में बड़े गणेश जी का मंदिर
बड़े गणेश जी का मंदिर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के बहुत पास है। यह अपने बड़े आकर के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इसे देखकर आंखे चकाचौंध हो जाती है। मैंने इतने बड़े आकर के गणेश जी इससे पहले नहीं देखे है। यह सबसे बड़े है। इसको देखकर मन में सपने साकार होने लगते है कि अब हमारी सारी मनोकामना इनकी कृपा से पूरी हो जाएगी
इनके निर्माण के बारे में सुनकर और भी हैरानी होती है कि इन्हे मसालों से बनाया गया है। आपको समझ आया यानि रसोई में इस्तेमाल होने वाले खाने की चीजे । आपने सुना था कभी चावल का माड़ ,चुना ,गुड़ और मेथी जैसे मसालो से मूर्तियां बनाई जाती है। इसे बनाये हुए काफी साल बीत चुके है। तब भी इसमें कोई कमी दिखाई नहीं देती है। इसे देखकर लगता है जैसे अभी इसे बनाया गया है। इसमें निर्माण कला से सम्बन्धित चीजे भी मिलाई गई है। इन्हे मजबूत बनाने के लिए इसमें मसाले डाले गए है। आजके समय में हमे मसाले सुनकर हैरानी होती है हमारे पुराने घर , महल, यहां तक की चीन की दीवार के बनाने में भी चावल के पानी और चूने का इस्तेमाल हुआ है।
इसे बनाने के लिए अधिकतर तीर्थ स्थलों से जल और मिटटी लाई गई है। इस मूर्ति को बनाने में ढाई बर्ष लगा था। यह मूर्ति 18 फीट ऊँची और 10 फ़ीट चौड़ी है मूर्ति में गणेश की सूंड दक्षिण की तरफ है। मूर्ति के माथे पर त्रिशूल और स्वस्तिक बने हुए है
जब महाकालेश्वर मंदिर से बाहर निकलते है तब बाये तरफ यह मंदिर है। अधिकतर लोग इसमें जाकर आत्मिक शांति का अहसास करते है। महाकालेश्वर मंदिर में घूमने के कारण थके हुए शरीर को आराम भी देते दिखाई दे जायेंगे।
इस मंदिर के अंदर जाने पर अन्य देवी -देवताओ की मूर्तियां भी है। श्रद्धालु लोग उनके सामने भी सिर झुकाते है।
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