#chintaman gnesh temple of ujjain

                  चिंतामन गणेश मंदिर 

     


   यह मंदिर उज्जैन का प्रसिद्ध मंदिर है। इसके बारे में कहा जाता है-जो इनके दरबार में आ जाता है। उसकी सभी इच्छाये  पूरी हो जाती है। ये स्वयंभू है।  इनकी उत्पत्ति अपने आप हुई है। इन्हे तराशा नहीं गया है। ये धरती से खुद निकले है। यहाँ पर गणेश जी की तीन मूर्तियां है। सबसे बड़ी चिंतामन गणेश जी है। दूसरी मूर्ति इच्छामण गणेश है। तीसरी मूर्ति सिद्धिविनायक जी है। यह गणेश जी के तीनो रूप है। 

       हिन्दू संस्कृति में जब भी शुभ काम होता है। उसमे सबसे पहले गणेश जी को निमंत्रण दिया जाता है। ताकि सभी कार्य बिना रुकावट के पूरे  हो जाये। 

       सबसे पहले इसे परमार राजाओ ने बनवाया था। उसके बाद रानी अहिल्याबाई ने इसको बनवाया। इस समय भी इसका निर्माण कार्य चल रहा है। यह बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। 

       कहा जाता है राम ,सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए गए थे। तब कुछ समय के लिए इस मंदिर में ठहरे थे। तब लक्ष्मण जी ने यहां  बाबड़ी बनवाई  थी। जो लक्ष्मण बाबड़ी के नाम से प्रसिद्ध है।इसके कारण पानी की समस्या खत्म हो गयी थी।    

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