#sanchar tantr or muslim

      आजकल सुनने में आ रहा है पुरुस्कृत लोग अपने पुरुस्कार दादरी कांड के विरोध में लौटा रहे है। उनके पुरुस्कार लौटाने से क्या सरकार पर दबाब पड़ेगा। अख़लाक़ नामक इंसान को मरवाने के लिए सरकार ने लोगो को सुपारी दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार या केंद्र सरकार ने उसे मरवाने के लिए क्या किया।
        लोग मोदी सरकार से सामने आकर जबाब देने के लिए कह रहे है.अखिलेश यादव या मोदी ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए क्या किया था। वे लोग ये भी तो बताये।
    इस  कांड की खबर सुनकर उस स्थान को छावनी में बदल दिया गया। एक कत्ल होने के बाद वहाँ के माहौल  को शांत करने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस तैनात कर दी गयी है।
      सरकार ने उसके परिजनों को 45  लाख रूपये दिये। उनको वसंत विहार जैसी जगह पर बसाया। उसके परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देने का बचन दिया।
       भारत जब आजाद हुआ तब मुस्लिम आबादी 7 %  थी जो अब  बढ़कर 18  % हो गयी है। यदि भारत में दूसरे समुदाय के लोग अपने को सुरक्षित ना  समझ रहे होते तो वे भारत में इतनी संख्या में रह रहे होते। किसी भी और देश में मुस्लिमो को स्कॉलरशिप दी जाती है या हज के लिए भत्ता दिया जाता है।आपको मालूम हो तो मुझे जरूर बताये।
       यदि मुस्लिमो को इससे ज्यादा फायदा किसी अन्य देश में मिल रहा होता तो वे वहाँ जाकर रहते या भारत जैसे गरीब और पिछड़े देश में रहना पसंद करते, आम मुस्लिम या हिन्दू एक दुसरो को नुकसान पहुचाने के बारे में नही सोचता बल्कि हारे  हुए नेता, लोगो की भावनाए भड़का कर अपना वोट बैंक बनाने में लगे रहते है। इसका सबूत दादरी के लोगो ने दिया है। वे साफ शब्दों में नेताओ को अपने इलाके में आने का विरोध कर रहे है।
      भारत  के 90  % मुस्लिम हिन्दुओ से ही मुस्लिम बने है। बाहर से आये १०% मुस्लिम थे। यदि आप उनसे बात करो तो वे  भारतीय मुस्लिम  से अपने को ऊँचे दर्जे के मानते है। हमारी सभ्यता बहुत पुरानी है उस समय मुस्लिम धर्म का उदय ही नही हुआ था। हर तरफ हिन्दू धर्म था.
      कभी आपने  किसी कटटर हिन्दू के मुँह से सुना होगा। हमारे शिव लिंग के ऊपर मक्का बनी  है। लेकिन यह उस समय की बात है जब मुस्लिम धर्म का उदय ही नही हुआ था। हर तरफ हिन्दू धर्म का बोल -बाला  था। हमेशा ऊचाई के साथ पतन भी होता है। हिन्दू धर्म  का उदय लगभग ५००० साल पहले हुआ उसके बाद उसने उन्नति की फिर धीरे -धीरे उसका पतन होता चला गया।
     पतन का कारण आक्रमणकारियों के द्वारा जवर्दस्ती अपने धर्म में आने के लिए मजबूर किया जाना था। भारतीय जनता आज अलग -अलग कई धर्मो में बंट गयी है। ये लोग अपने मन से धर्म नही बदलते बल्कि उनको लोभ -लालच, अत्याचार   के द्वारा धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है।
     आप भूल रहे हे अफगानिस्तान ,पाकिस्तान और बांग्ला देश हिन्दू देश थे।  अफगानिस्तान का नाम पहले आर्यना  था। पाकिस्तान और बांग्ला देश का उदय आपके सामने हुआ है  इससे पहले जितने मुस्लिम देश है वहाँ  तक हिन्दू धर्म था वहाँ जबरदस्ती लोगो का धर्म बदलवाया गया वे सभी देश अपने को मुस्लिम देश कहने पर गौरवान्वित महसूस करते है। लेकिन वहाँ के लोग कई पीढ़ियों बाद भूल गए है उनके पूर्वजो ने कितने परेशान होकर अपना धर्म बदला होगा। ,इस समय मुस्लिम धर्म की उन्नति का समय है।
     आप समाचार सुनने की कोशिश करेंगे तो आपको मालूम होगा आज मुस्लिम धर्म आतंक का पर्याय बन रहा है। अधिकतर देशो में मुस्लिमो को खास नजर से देखा जा रहा है। अन्य देशो में मुस्लिम धर्म का पतन शुरू हो गया है।
      केवल भारत ही ऐसा देश है जहाँ मुस्लिम धर्म  पनप रहा  है। आज भी  सेकड़ो की संख्या में हिन्दू धर्म बदल कर मुस्लिम बन रहे है। लेकिन संचार तंत्र उनका प्रचार नही करता लेकिन यदि एक परिवार मुस्लिम से हिन्दू बन जाता है तब उसे सरकार की नाकामी ठहरा दिया जाता है।
        हमारा देश आजाद हुए 70 साल हो रहे है। इन सालो में मुस्लिम 11 %  कैसे बड़  गए जबकि पाकिस्तान में 21 %हिन्दुओ से हिन्दू १% कैसे हो गए कोई मुझे इसका राज तो बताये।  केवल भारत ही लोकतान्त्रिक देश है। बाकि जहाँ भी मुस्लिम बहुल देश है वहाँ लोकतंत्र छटपटा रहा है या तानाशाही  कायम है।
     मुस्लिम समुदाय के लोगो से पूछे तो आपको पता चलेगा वे उसके कटटर होने के डर  से परेशान है.उन्हें फतवे का डर ना हो तो बहुत से मुस्लिम अपना धर्म बदल दे या उसके खिलाफ अपना मुँह खोल दे। जरा सी गलतबयानी के कारण कटटरपंथी लोगो का जीना मुहाल कर देते है। उन्हें अपनी जान गवानी पड़ती है या देश छोड़कर जाना पड़ता है। 
        हम खुद दुसरो की सुरक्षा कितनी कर पाते  है। कभी अपने अंदर झांक कर देखो। हम हमेशा किसी गलत काम के लिए दुसरो को दोष देकर अपने कर्तव्य की पूर्ति समझ लेते है। हम मोदी या यादव की तरह काम करके देखेंगे तब पता चलेगा कोई भी काम करना कितना मुश्किल होता है। हम हमेशा काम की जिम्मेदारी दुसरो  को  सौंप के इतिश्री समझ लेते है। यदि हर कोई अपने स्थान पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी समझे तब कोई भी गलत काम नही हो सकता। 

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