#mehnat ka fal

    वेद ने फिर से अपनी फैक्टरी नए सिरे से जमा ली। अब उसके काम के सभी प्रशसक हो गए। इससे पहले 71 साल की उम्र में नए सिरे से नया काम करते बिना पैसो के किसी को  नही देखा था।  किसी ने इस बात की उम्मीद नही की थी। जिन बेटो ने पिता की तरफ देखना बंद कर दिया था। उनका फिर से पिता की तरफ ध्यान गया। जिसे वो अपने उपर   बोझ समझ रहे थे। वह फिर से समर्थ हो कर खड़ा था।
    वेद के दोनों बेटो में मेहनत करने की आदत नही थी। उन्हें लगता था। दुसरो पर रौब ज़माने से कारखाना चला करते है। वे  जमीदारो के सामान दुसरो को डरा के काम करवाने में अपनी समझदारी समझते थे।
      वे कहते थे -पैसा अधिक खर्च करो तभी तुम अधिक कमाने के बारे में सोचोगे।
     इसलिए उन्होंने अपनी कमाई से ज्यादा पैसा खर्चने पर ध्यान दिया। जिसका फल यहाँ असफलता से मिला। उन दोनों की फैक्ट्री में नुकसान होने लगा। उनके उपर  कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा था।
     वेद को हर समय डर लगता था। इन फैक्टरी के सारे पेपर मेरे नाम से है। कही ये इतना बुरा न कर दे कि मेरे हाथो में हथकड़ी लगवा दे। वे अपना डर अपनी बेटियो को बताते। उनकी बेटियाँ सुन कर परेशान हो जाती। वे अभी भी अपने बेटो के प्रति दयाद्र थे। उनके अंदर रिश्तो के प्रति अभी कोमल भाव थे। वे इतना होने के बाद भी अपने बेटो के साथ सहज सम्बन्ध बनाने की कोशिश करते रहते थे। सभी कहते इनका अँधा मोह बेटो के प्रति कभी ख़त्म नही हो सकता।
       इधर वेद के काम में तरक्की दिखाई देने लगी उधर दोनों बेटो की फैक्टरी ख़त्म होती चली गयी. वे नुकसान को देख कर भी नही जागे। अंतत उनका काम ख़त्म हो गया। मनोज बुरी तरह बर्बाद हो गया। इस बीच उसके दो बच्चे हो गए थे। उसके दरवाजे पर कर्जदार खड़े रहते ।वे उसका हर तरह से अपमान करते रहते। लेकिन उसके पास उनका कर्ज उतारने का कोई जरिया नही बचा था।   उसका सारा काम खत्म होता जा रहा था। 
     वेद जितना कमाता था उसका बहुत कम हिस्सा खर्च करता था। उसके पास फिर से धन जुड़ना शुरू हो गया था। अब उसके बेटेउससे  अनेक बहानो  से पैसे खीचने की कोशिश करते। वेद को  लगता मेरे पिता ने कभी मेरी मदद नही की। लेकिन में समर्थ होने के कारण इनकी मदद कर सकता हूँ। वह आये दिन उनकी मदद करते रहते।उनके बेटे बहुत नाशुक्रे थे। वे पैसे लेने के बाद भी अपने पिता को गलत सुनाते  रहते जिससे वेद का मन बहुत दुखी रहता।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...