#hamare sampradayik neta kitna sach

    भारतीय सरकार को सांप्रदायिक साबित करने की अनेक कोशिश भारत में रहने वाले लोग ही  कर रहे है। उन लोगो को मै उनका मुखौटा  उतारने के लिए आईना दिखा रही हूँ।
      भारत के आलावा और कोई देश ऐसा नही होगा जहॉ पर किसी विशेष समुदाय का नेता अपने बेटे की दस्तारबंदी की रस्म में उस देश के राष्ट्राध्यक्ष को न बुलाये बल्कि दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को उस रस्म में बुलाये। इसका जोर शोर से प्रचार भी करता है। सारे समाचार उस की हिम्मत की दाद  देते हुए दिखाई देते है। लेकिन कोई समाचार ऐसा मेने नही देखा जिसमे इस घटना को अपमानजनक कहा गया हो.
     इस घटना को लेकर हमारी सरकार ने अपना कोई विचार प्रकट नही किया। उसके बाबजूद सरकार को सांप्रदायिक कहा जाता है।
    भारत ही ऐसा एकलौता देश है जहॉ की खिलाडी सानिया मिर्जा पाकिस्तान के खिलाडी शोएब मलिक  से शादी कर लेती है। उसके बाबजूद भारतीय उसे अपना प्यार और दुलार दे रहे है। जबकि कोई भी लड़की जब किसी  दूसरे देश के नागरिक से शादी कर लेती है। वह दूसरे देश  की नागरिक मान ली जाती  है। लेकिन भारत ही आपको ऐसा देश मिलेगा जहॉ उस देश का सबसे बड़ा और पहली महिला को  खिलाड़ियों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान " खेलरत्न सम्मान" दे रहा  है।
     ये सम्मान इससे पहले किसी अन्य महिला खिलाडी को नही दिया गया है।भारत ने नियमो में बदलाव करके उसे इस से सम्मानित किया। भारतीय नेता किसी को भी सम्मानित करने के लिए नियमो में फेरबदल करने से भी नही घवराते है। फिर भी उन्हें सांप्रदायिक कहा जा रहा है।
    भारत में किसी भी इलाके में आये दिन भारत में रहने वाले पाकिस्तानी झंडे लहराते देखे जा सकते है। लेकिन भारतीय सरकार इसके खिलाफ आपको कार्यवाही करती दिखाई देती है।  कभी नही ?
   मैने पाकिस्तानी  झंडे भारत में लहराने वालो का विरोध करते किसी भी समाचार वालो को नही देखा है।
    पाकिस्तान में रहने वाले किसी भारतीय को आपने कभी भारतीय झंडे के साथ देखा है। कभी नही ?
     वहाँ भारतीय लोगो को जिन्दा रहने की सहूलियत ही मिल जाये ये उनको बहुत सुख दायक लगता है। पाकिस्तान में रहने वाले सारे हिन्दुओ से मानवाधिकार के नियम के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। उनकी बेटियो का अपहरण कर लिया जाता है। जबरदस्ती दूसरे समुदाय के लोगो से शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है। किसी भी हिन्दू को कैद कर लिया जाता है। किसी भी हिन्दू को मार  दिया जाता है। वहाँ का हिन्दू अपनी आवाज बुलंद नही कर पाता।  पाकिस्तान में भारतीय लोगो के साथ जो हो रहा है  दोनों सरकारों को अच्छी तरह से मालूम है। कभी भारतीय राजनितिक को इसके खिलाफ आवाज उठाते देखा है। कभी नही ?
     जो हिन्दू किसी भी तरह भारत आते है वे दुवारा पाकिस्तान जाना नही चाहते। वे यहाँ की नागरिकता मांगते है। ऐसा कभी आपने किसी पाकिस्तान जाने वाले, किसी मुस्लिम से पाकिस्तानी नागरिकता मांगते देखा हे। कभी नही ? उसके बाबजूद आप भारतीय नेताओ को सांप्रदायिक साबित कहने में लगे रहते है।
     पाकिस्तान में एक राज्य बलोचिस्तान है। वहाँ के नागरिक पाकिस्तान से  अलग होने के लीये जी तोड़ कोशिश कर रहे है। उनके नेताओ को मार दिया जाता है। पुरे बलोचिस्तान को सैनिक छावनी में बदल दिया गया है। वहाँ की जनता से सारे अधिकार छीन लिए गए है। कभी आपने भारतीय सरकार को कहते सुना है। "हम बलोचिस्तान को आजादी दिलवा के रहेंगे।"जैसे पाकिस्तानी नेता हमेशा  कश्मीर को लेकर बयानबाजी करते रहते है। उसके बाबजूद भारतीय नेताओ को सांप्रदायिक कहा जा रहा है।
     में किसी धर्म या समुदाय की बुराई नही कर रही हूँ। में किसी नेता की तरफ दारी भी नही कर रही हूँ  मै केवल अपना नजरिया आपके सामने रख रही हूँ। आप गहराई से इस बारे में जाँच करे फिर समाचारो की सच्चाई पर यकीं करे। समाचार हमेशा सारी सच्चाई सही रूप में हमारे सामने नही रखते बल्कि कुछ लोगो के विचारो को प्रकट करने की कोशिश करते है। वे वही  समाचार बारम्बार दिखाते है जो लोग देखना चाहते है। उनकी सच्चाई को आँखे बंद करके स्वीकार करने से पहले जरा सोचने की कोशिश करके देखिये।
   
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