# woman"s wish

                औरत की इच्छा 

आदमियों के अंदर बहुत सारी  आदते ऐसी होती है जिनपर वे नियंत्रण नहीं कर पाते  है। उसके बदले में जान हथेली पर रखने के लिए तैयार रहते है। जैसे औरत की इच्छा। आपने देखा होगा बहुत सारे  बलात्कार केस आते  है।

         पहले समय में कहा जाता था - "लड़कियां अपनी हरकतों के कारण या कम कपड़े पहनती  है। जिसके कारण आदमी  अपना नियंत्रण खो बैठते है।  ये सारा लड़कियों का कसूर है।" लेकिन जब तीन या चार साल की लड़कियों के साथ ऐसा होता है तब इसे किसकी गलती कहेंगे। ये मासूम लड़कियां इस तरह के रिश्तो के बारे में जानती ही नहीं है। तो दूसरो  को आकर्षित करने के लिए या उकसाने के लिए  क्या करती होंगी। आदमियों को  अपनी इच्छा के कारण उम्र की सीमा  लांघते भी देर नहीं लगती है।  

          सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 95%  बलात्कार घरो में होते है।  जिनका थानों  तक पहुंचना ही मुश्किल होता है। औरते  अपने घरो के मर्दो के खिलाफ रिपोर्ट करने से डरती  है। क्योंकि उनके घर आदमियों की कमाई से चलते है। जब वे सलाखों के पीछे चले जायेंगे। तब घर का खर्चा कौन उठाएगा। 

     दूसरे  जब मर्द सलाखों के पीछे चले जायेंगे तब उस घर की औरतो को बाहरी  दरिंदो से कौन बचाएगा। ऐसा ही एक केस मेरे सामने आया। जिसमे लड़की के पिता नहीं थे। बड़ा भाई अपनी बहन के साथ रोज शारीरिक सम्बन्ध बनाता  था। माँ दूसरे कमरे में सोती रहती थी. वह उसे रोकने के प्रयास नहीं करती थी। या शुरू में  विरोध करने पर उसके  बेटे ने  उसे अपमानित  कर दिया होगा। ऐसे लोगो के अंदर सामाजिक नियम मानने की इच्छा नही होती। उनके लिए अपनी इच्छा ही सर्वोपरि होती है।

       जिसके कारण माँ आंख बंद करके सोने का नाटक करती होगी। क्योंकि अपने घर की इज्जत के परखच्चे वह बाहरी  दुनियां के सामने उड़ते कैसे देख सकती थी। .   

          जिसके कारण वह लड़की  बहुत चिड़चिड़ी हो गई थी। क्योंकि लड़कियों को बचपन से सही गलत में अंतर् करना आ जाता है ।  सबसे इसका जिक्र करती थी। लेकिन किसी को इसकी  बात पर यकीन नहीं आता था।  कोई भी कदम उठाने के लिए तैयार नहीं हो रहा था। घर के ऐसे मामले में बाहर वाला क्या कर सकता है। लेकिन  हमने जब यह सुना पुलिस को बुलाकर उसका केस दर्ज करवाया। 

       उसके बाद पुलिस ने उसे  महिला  आश्रम भिजवा दिया। लेकिन कुछ समय बाद पता चला उस आश्रम में भी उसके साथ  शारीरिक सम्बन्ध बनाने वाले अनेक पैदा हो गए है । 

        उसके बाद कई घरो के अंदर सम्बन्ध बनाने वाले मामले हमारे सामने आये। लेकिन उस लड़की की दुर्गति देखकर हमारा उन  मसलो  को पुलिस तक पहुंचाने  की हिम्मत नहीं हुई। 

      घर में तो एक लड़की से  जबरदस्ती सम्बन्ध केवल एक इंसान  बनाता है। लेकिन बाहर निकलते ही उसके साथ कितने लोग सम्बन्ध बनायेगे। ये सोच कर मन सिहर उठता है।   हम चाहते हुए भी लड़कियों के  लिए घर की चारदीवारी छोड़ कर  अलग आशियाना ढूंढ  नहीं पाते  है। 

       इसलिए बेटियों को यही सिखाया जाता है उनके लिए एक घर होना चाहिए। घर के बिना ये संसार उनका बुरा हाल  कर देगा।  इसलिए वे लड़कियां माँ ,बहन या बेटी के रूप में आशियाना  बनाये रखने की भरसक कोशिश करती रहती है। . 

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