#MAN ME BASA DAR

                   मन में बसा डर 

     कुछ लोग शादी के बाद बहुत जल्दी जिंदगी से  बोर  होने लगते है। शादी से पहले की जिंदगी हमने बचपन से देखी  होती है। हमे उसकी आदत पड़  गई होती है। जबकि शादी के बाद का माहौल बिलकुल अलग होता है। शादी से पहले हम हर समय बात करते रहते है क्योंकि हमे पता होता है हमारी बातो की सबको आदत है।
          हमारे अंदर किसी से बात करते समय कोई संकोच नहीं होता है। सब हमारी  गलतियां भी माफ़ करते  है। सबको पता होता है। बड़े हमारी भलाई के काम करेंगे उनकी गलियां या डांट ज्यादा बुरी नहीं लग रही होती है। क्योंकि बचपन से इसकी आदत पड़  चुकी होती है। 
          जब ससुराल जाते है मन में अनजानेपन का डर  समाया  होता है।  डर  के कारण सही काम भी गलत हो जाते   है। जितना ज्यादा सोच समझकर काम करते है। उतनी ज्यादा गलती हो जाती है। एक बार गलती होने पर  शब्दों में यदि कोई हमारी गलती न निकाले  तब भी सोच -सोच कर कल्पनाओ में कितनी बार रुसवा होते रहते है। हम अपनी कल्पनाओ के कारण कितनी अपमानजनक जिंदगी  महसूस कर रहे होते है। 
               अब आप ही सोचिये ऐसे में हर समय डर  लगा रहता है। हम अपने को संपूर्णगुणसम्पन्न साबित करने में लगे रहते है। जबकि सभी में कमियां होती है। मायके में गलती सामने आने पर भी हम झुकने या गलती मानने  की जगह दूसरो  पर सारा दोष डाल  कर अलग हो जाते है।  यहाँ सबकी चुप्पी के भी हम दस अर्थ निकाल  कर अपनी जिंदगी को दुःख में डूबा रहे होते है। 
     खुशहाल जिंदगी जीने के लिए पहले जमाने की औरते कहती थी - "औरत को चिकना घड़ा होना चाहिए। " लेकिन आजकल की औरतो का अहम बहुत ऊँचा हो गया है। वे बिना शब्द सुने  भी मन ही मन में अनेक अर्थ निकाल  लेती है। जिंदगी इतनी बुरी नहीं होती है। जितनी हम सोच रहे होते है। 
          जिंदगी में हम जितना सामने वाले से डरते है। सामने वाला भी हमसे उतना ही डर  रहा होता है। जिस दिन हम सामने वाले से डरना छोड़ देते है। उस समय  हमसे बहादुर कोई नहीं होता है। जिसने दूसरो  के डर  को समझ लिया।  वही जिंदगी का असली मजा ले सकता है। वरना  डरते और सिसकते जीना  पड़ता है। 
        जिंदगी इतनी बुरी नहीं होती जितनी हम समझ रहे होते है। जब कोई हमे अपने साथ ले जा रहा होता है तो उसका अर्थ होता है वह खुद दुखी है वह अपने दुःख को कम करने के लिए ले जा रहा है। इसलिए मन में मत  सोचना कि  सामने वाला हमें दुःख देने ले जा रहा है। जिस दिन अपने दिमाग से इस विचार को निकाल  दोगो। उस दिन दुनियां के सबसे सुखी इंसान बन जाओगे। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...