love and sex
आदमियों और औरतो का मानसिक विकास अलग तरीके से होता है। औरते हमेशा पूरे परिवार के बारे में पहले सोचती है। जबकि आदमी अधिकतर अपने आप को महत्त्व देते है। उनकी जरूरते सर्वप्रथम पूरी होनी चाहिए। उसके बाद वो अन्य को महत्त्व देते है.
उनके लिए औरत से प्यार का मतलब सबसे पहले उसका शरीर आता है। उनकी पत्नी यदि उनसे दूर हो, तब भी, उनके लिए जरूरत पूरी करने के लिए किसी और से सम्बन्ध बनाते समय वे खुद को अपराधी महसूस नहीं करते। उन्हें कितना भी अहसास दिलाओ तब भी उन्हें लगता है। मेरी पत्नी मेरी जरूरत पूरी नहीं कर पाती तो इसे कही से भी पूरी करूँगा।
आपने पति ,पत्नी और वो जैसे विषय पर अनेक कहानियां और फिल्मे देखी होंगी। उनके लिए अपनी सर्वगुणसम्पन्न पत्नी का अधिक महत्व नहीं होता बल्कि दूजी होनी चाहिए कैसी भी चलेगी । इसका मतलब है अपनी पत्नी के आलावा कोई भी चलेगी। उससे प्यार करे या न करे। उसके शरीर से मतलब होता है।
मेरी एक सखी ने अपने पति से पूछा-" तुम मेरे आलावा किसी सफाई कर्मचारी से भी सम्बन्ध बना सकते हो।" उन्होंने कहा - "हाँ। उसके और तुम्हारे चेहरे में ही तो अंतर है बाकी सब कुछ समान है।"
उसके पति और वह दोनों विनोदी स्वभाव के थे। वे लोग बड़ी से बड़ी बात हँसते हुए कह जाते थे। उसे मन से नहीं लगाते थे। मै उनकी बात सुनकर हैरान हो गई ,क्योंकि मेरे दिल को ठेस लगी थी। मुझे सच्चाई में आज भी नहीं पता उन्होंने ऐसा किया था या नहीं। लेकिन इससे उनकी मानसिकता उजागर हो गई।
पति अपनी पत्नी से कितना भी प्यार करे लेकिन उनके लिए दूजी को देखकर फिसलने में देर नहीं लगती। . हम रामचंद्र जी को बहुत महत्व देते है क्योंकि उन्होंने एक पत्नीव्रत का पालन किया था। बाकि इतिहास में हर जगह आपको एक से ज्यादा पत्नी देखने को मिल जाएँगी जिनके बारे में आप एक पत्नी जानते हो उनके बारे में गहराई में जाने पर उनकी भी एक से ज्यादा पत्नी मिल जाएँगी।
आदमियों का तनाव दूर हो जाता है उन्हें सुख और दुःख दोनों समय में औरत का साथ चाहिए होता है। आदमियों के लिए प्यार का मतलब मन की गहराई से नहीं होता बल्कि तन की गहराई से होता है। वे भले ही जिंदगी में एक औरत से प्यार करे लेकिन उनके जीवन में किसी न किसी रूप में अनेक औरते आयी होती है।
मैने ऐसे ही एक इंसान से मिली जिन्होंने साठ साल की उम्र में पहली शादी की थी। वे ब्रह्मचारी कहलाते थे। उनकी पत्नी ने एक दिन उनसे पूछा -"तुम्हारे मुझसे पहले किसी अन्य औरत से सम्बन्ध बने थे। उन्होंने हँसते हुए कहा-" इसका जबाब देना ठीक नहीं है आगे से इस तरह के सवाल पूछना भी मत। " आप इसका जबाब खुद ढूंढने की कोशिश करके देखिये।
इसलिए प्यार को वासना के तराजू पर तोलने का मतलब ढूंढने पर हाथ खाली रह जायेंगे। आपको आज के समय में अनेक उदाहरण मिल जायेगे।
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