#LOVE AND SEX 3

       love  and  sex 3 

        आप प्राचीन ग्रंथो को  उठा कर देखिये। उसमे संसार बनाते समय भगवान  ने सबसे पहले पुरुष बनाये, जिनका नाम सनत कुमार रखा  था। उन्हे  संसार चलाने  का आदेश दिया लेकिन उन्होंने संसार में रहने को स्वीकार करने की जगह, संन्यास  धारण करके ,जंगल में जाना उचित समझा । इस तरह सात  बार सनत कुमार का निर्माण किया गया  लेकिन कोई भी संसार चलाने  के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्हें संसार की कोई भी वस्तु  लुभा नहीं सकी.
      भगवान  परेशान हो गए तब उन्होंने आठवें  सनत कुमार के साथ एक औरत भी बनाई। तब उसने धरती पर रहकर गृहस्थ जीवन की शुरुरात की। अब आप इसके द्वारा समझ गए होंगे औरत आदिकाल से ही पुरुषो को लुभाने का काम करती आ रही है। 
      पहले जमाने में  पुरुष संन्यास  लेते थे.जब  उनकी तपस्या से इंद्रदेव का सिंहासन डगमगाने लगता था  तब वे अप्सराओ को तपस्वियों की तपस्या भंग  करने भेज देते थे। मैने  एक बार भी अप्सराओ को असफल होते नहीं सुना। वे उनकी तपस्या भंग  कर ही  देती थी। 
       आजकल आपने हनीट्रैप का नाम सुना होगा। जो काम  किसी पुरुष को किसी  भी लालच देकर नहीं करवाया जा सकता है  उसे सूंदर औरत  के माध्यम से  करवाया जा सकता है।  उसके लिए सूंदर औरतो का जाल  बिछाया जाता है।  आपने अनेक    हनीट्रैप के मामले  सुने  होगे । 
          उसमे फंसे हुए आदमी उससे निकलने में नाकामयाब होते है। उसमे फंसकर भले ही आत्महत्या कर  ले उनकी जिंदगी का मोह भले ही खत्म हो जाये लेकिन जिस मोहजाल में फंस गए होते है उसमे से निकल नहीं पाते  है  आप चाहेंगे तो जान जायेंगे, बहुत सारे  लोगो ने औरतो के कारण  सत्ता और जान दोनों ही दे दी है । 
       जितने लोगो ने औरतो के कारण जान दी है। उतनी जमीं और जायदाद के कारण भी नहीं दी है। 
           जिस औरत का कोई महत्व नहीं समझा जाता वह एक दिन लोगो के दिलोदिमाग पर हावी होकर उसका महत्व ही नगण्य बना देती है। उसकी सोचने समझने की शक्ति खत्म कर सकती है। उसके  सही गलत का निर्णय करने की क्षमता खत्म करवा देती है. धुरंधर लोग आदमियों की इस कमी का फायदा अनेक तरीके  से उठा कर सफल हो जाते है। 
     इसे इंसानी मनोविज्ञान का फायदा उठाना कहा जाता है। इंसान के मन को पढ़कर उसके अनुसार काम करवाना उचित है। उसे अपने मापदंडो के आधार पर काम करवाने वाले हमेशा असफल होते है।
        हम किसी को सही और गलत के मापदंडो के अनुसार काम नहीं करवा सकते है  .आजकल हर पढ़ाई  से ज्यादा महत्व मनोविज्ञान का हो गया है   .शिक्षा ,व्यापार  या किसी भी क्षेत्र की पढ़ाई  करते समय उसके मनोविज्ञान पर चर्चा जरूर होती है। सबसे अधिक सफल वही इंसान होता है जो मानव का दिमाग पढ़ना  जान जाता है। उसके अनुसार ही उम्मीदे लगाता  है।  

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