वातावरण में विषाणु
वातावरण में हर समय वायरस होते है। वे कम या ज्यादा होते है लेकिन खत्म कभी नहीं होते। ये जिनकी प्रतिरोधात्मक शक्ति कम होती है। उसे बीमार कर देते है। जिनकी विषाणुओ से लड़ने की ताकत शरीर में होती है। उनपर कोई असर नहीं कर पातीआने वाले समय में कोरोना का विषाणु वातावरण और शरीर से खत्म नहीं होगा बल्कि हम अपनी प्रतिरोधात्मक शक्ति से उससे लड़ने की ताकत बढ़ा लेंगे या बढ़ जाएगी।
उसके लिए प्लाज्मा से इलाज किया जा रहा है। जो कोरोना से ठीक हो चुके हे उनमे विषाणु से लड़ने की ताकत पैदा हो चुकी है। उनका प्लाज्मा लेकर अन्य रोगियों को ठीक किया जा सकता है।
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