हवा में उड़ती मौत
हम अपने घर में खिड़की दरवाजे बंद कर अपने को सुरक्षित समझते है। लेकिन वक़्त किस रूप में हमे तबाह करने आ जाता है। पता नहीं चलता।
ऐसा ही पाकिस्तान में कराची एयरपोर्ट के पास हुए हादसे से पता चलता है। वहां के लोगो ने कल्पना भी नहीं की होगी, आज का दिन उनका अंतिम दिन होगा। वे सब ईद की खुशियों में खोये हुए थे।
प्लेन में आने वाले भी ईद मनाने के उद्देश्य से आये थे। उन्हें क्या पता था उनकी खुशियां मातम में बदल जाएँगी।
दुर्घटनाग्रस्त रिहायशी आबादी वालो के चेहरे पर हवाइयां साफ दिखाई दे रही थी। उनके लिए इस पर यकीन करना मुश्किल हो रहा था। वे बोलने की हालत में भी नहीं थे।
टूटे हुए मकान, जलता हुआ सामान ,लोगो की लाशे देखकर कुदरत की ताकत के सामने इंसान का बौनापन साफ दिखाई देता है।
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