#reward to tax payers

                                      कर देने वालो को  इनाम 

   
    सरकार इस समय कर प्राप्त करने के लिए अनेक उपाय कर रही है। उसके लिए अधिक से अधिक सख्ती बरती जा रही है। लेकिन इसके कारण हमारे उद्योग धंधे बंदी के कगार पर पहुंच गए है। इसके बाबजूद  सरकार तक कर की रकम नहीं पहुँच पा रही है।
         व्यापारी वर्ग भी बिचोलियो को मुँह मांगी रिश्वत देकर कर कम  करवा  रहा है। लेकिन इन सब कारणों  से जनता और सरकार किसी को फायदा नहीं हो रहा है। बल्कि बिचोलियो यानि सरकारी कर्मचारियों की जेब में गलत रूप में पैसा जा रहा है. जिसका देश की उन्नति में योगदान नहीं है। एक की जेब से  कमाई निकल  कर दूसरे की जेब में वह  काली कमाई के रूप में पहुंच रही है।
            व्यापारी उसे बाजार में लगा कर समाज की उन्नति में योगदान दे रहा है। लेकिन  यही धन दीवारों या विदेशी बैंक में पहुंच कर किसका भला कर रहा है। सोचने की बात है। इस समय सरकार सारे उपाय बाजार में पैसे की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कर रही है। लेकिन बाजार में पैसा होगा तभी आएगा। 
         इसके स्थान पर सरकार कर देने वालो को अपने खर्चे की सभी रसीदे दिखाने  के बदले में उन्हें इनाम स्वरूप कुछ फायदे दे, तब कोई भी अपनी कमाई छुपायेगा नहीं। बल्कि अपने खर्च की प्रत्येक रसीद ख़ुशी से सामने रखेगा। इससे  कर का सही आंकलन  करना आसान हो जायेगा। 
       छोटे बच्चे से इनाम के लालच में उसकी सभी अच्छाई-बुराई   सामने लाई  जा सकती है। 
     जानवरो से मुश्किल से मुश्किल काम उनकी प्रकृति के विरुद्ध इनाम के लालच में   करवाये  जा सकते है।                  व्यापारी अकेले व्यापार  नहीं चला सकता। उसे अपने साथ काम  करने वालो की जरूरत होती है। उसकी तरक्की से बेरोजगारी की समस्या हल होगी, साथ ही देश की तरक्की में भी योगदान होगा। 
       सरकार के सारे  संसथान घाटे में चल रहे है। उन्हें पैसा देश की अर्थव्यवस्था से ही प्राप्त होता है। यदि व्यापार ही खत्म हो गया तो देश किसके भरोसे तरक्की करेगा। व्यापारी हमेशा लाभ कमाकर  ही  आगे बढ़ता है। वह कभी घाटे में ज्यादा दिन व्यापार नहीं कर सकता है। 
      आप देख रहे है सारे  साम्यवादी देश तानाशाह बन गए है। या पूंजीवादी बन गए है। साम्यवाद के पतन के बारे में सोचने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। 
         उन्हें व्यापारियों को चोर नहीं बल्कि   देश की उन्नति में सहायक समझ कर इनाम देकर उत्साहित करना चाहिए। करोना  के कारण हमारी अर्थव्यवस्था वैसे भी डूबने की हालत में है। उसे सहारे की जरूरत है। 

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