खजुराहो मंदिर बनने का कारण
जब मेने इन मंदिरो के बनने का कारण जाना था तब मुझे विश्वास नहीं हुआ था। लेकिन आज हम उस सच्चाई पर विश्वास करने की स्थिति में है।
मेने अपने जीवनकाल में प्रथम बार महामारी का सामना किया है। उसके सामने कैसे सभी लाचार हो गए है। अनगिनत संख्या में मौते हमे झकझोर रही है।
अब से हजार साल पहले भारत में बहुत युद्ध होते थे । उसमे मौतों की गिनती करना असम्भव है। मध्य एशिया की स्थिति से आप जान सकते है ।
भारत में उस समय संन्यासियों को बहुत सम्मान दिया जाता था। जिसके कारण अधिकतर लोग गृहस्थ धर्म का पालन करने की अपेक्षा सँन्यास लेते थे।
मैने अपने जीवन काल में संन्यास लेने वाले लोगो को नहीं देखा था। जो दिखते थे वे ढोंगी लगते थे। लेकिन मोदी और योगी जी को देखकर लगता है। मन से योग लेने वाले भी होते है।
इन सब कारनो से जनसंख्या बहुत कम हो गई थी। जनसंख्या होने पर ही किसी राज्य पर राजा राज कर सकते है। ऐसे में कहा जाता है। -चंदेल वंश के राजा- रानी ने इस तरह के मंदिर बनवाने का साहस किया। यहां तक कहा जाता है। इसके लिए उन्होंने स्वयं मॉडलिंग भी की थी।
कुछ विशेष रातो को सामूहिक आयोजन किये जाते थे। जिससे लोग गृहस्थ धर्म में प्रेरित हो।
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