#NATURE'S REVENGE

                               प्रकृति का बदला 


 कुदरत का कहर केसा होता है। लगभग सब भूल चुके थे।  2020  में हमें इस बात का अहसास दिला दिया है. कुदरत के सामने इंसान बहुत छोटा है।
      पूरा संसार इसके सामने हार  मान चूका है। हिन्दू ,मुस्लिम और अन्य धर्मो के  लोग पूजा करने में लगे है। यहां तक की अमरीका की संसद भवन में भी सभी धर्मो का शांति पाठ किया गया।
       यदि यही शांति पाठ  भारत की संसद में हो रहा होता तब आप ही सोचिए केसा शोर मचता।
      अर्थशास्त्री माल्थस का सिद्धांत था "-यदि धरती की जनसंख्या अधिक   बढ़  जाती है। तब कुदरत उसे कम करने का खुद रास्ता तलाश लेती है।"
          ये सिद्धांत मेने बर्षो पहले पढ़ा था। तब उसका मतलब महामारी ,मै  नहीं समझ सकी  थी'. क्योंकि चिकित्सा सुविधाओं के होते हुए मौत का आंकड़ा इतना बढ़ जायेगा इसका अहसास नहीं था।
          आजकल दिल्ली में भूकंप के झटके काफी आने लगे है। इसका मतलब क्या है। समझ नहीं आ रहा। भगवान लगता है इंसानो से रूठ  गया है।


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