आप सोचते होंगे लड़कियाँ सीधी -सादी और भोली भाली होती है। लेकिन आज का माहौल बदल गया है। लड़कियों के अंदर लड़को के सामान गुस्सा भर गया है। जब उन्हें गुस्सा आता है। वे अच्छा -बुरा सब बिसरा देती है। उन्हें अपने मान -सम्मान का ख्याल नही रहता है। उनका आक्रोश भयंकर रूप में प्रकट होता है। उनके अंदर की कोमलता ख़त्म हो जाती है। वे खुद मिट जाने या दुसरो को मिटा देने में कोई गुरेज नही करती है। उनके सामान खतरनाक दूसरा नही होता हे। छोटी -छोटी लड़कियाँ भी तोड़ -फोड़ करने में किसी से पीछे नही रहती। मेरा अनुभव भी ऐसा रहा है। जिसके उदाहरण में आपके सामने पेश कर रही हूँ।
मेने एक बार अपनी स्कूटी पर कुछ लड़कियों को बैठा देखा तो उन्हें वहाँ से हटा दिया। जब मेने जाने के समय अपनी गाड़ी देखी तो उसकी पीछे की लाइट टूटी हुई थी।
दूसरी बार का अनुभव और भी ज्यादा दुखदाई रहा। लड़कियों ने मेरी स्कूटी का हेंडल ही तोड़ दिया था। रेस देने वाला हिस्सा पूरी तरह से तोड़ दिया था। उसमे से तार झांक रहे थे।
तीसरी बार मेरी गाड़ी की चाबी जहॉ लगती है। उस जगह पर बहुत सारे छोटे -छोटे तिनके घुसा दिए थे जिसके कारण चावी अंदर जा ही नही सकती थी।उन तिनको को निकालने में बहुत मेहनत करनी पड़ी।
मेरा वास्ता केवल लड़कियों से पड़ता है। में इसका इल्जाम किसी लड़के पर नही लगा सकती आप सोचेंगी कि में बेकार में लड़कियों से खार खाती हूँ इसलिए उन्हें नाहक बढ़नाम कर रही हूँ मेरे जीवन में अधिकतर अच्छी लड़कियाँ आई है। उनकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। बुरी लड़कियों से वास्ता मेरा अभी पड़ रहा है। इन बुरी लड़कियों के कारण मेरी सोच बदलती जा रही है।
बुरी लड़कियों के कारनामे मुझे झकझोर जाते है। बचपन से अब तक मेने ऐसी लड़कियाँ नही देखी थी। जैसी मुझे अब देखने के लिए मिल रही है। उन्हें सही -गलत का अंतर बताने की कोशिश करो तो वे अपनी गलती मानने के स्थान पर हमें ही गलत समझने लगती है। हमें सबक सिखाने की फ़िराक में रहती है। वे उस समय सही गलत का निर्णय लेने के स्थान पर सिर्फ अपना गुस्सा उतारने के सारे उपाय अंजाम दे डालती है। उनके गुस्से का अंजाम मेने खुद कई बार भुगता है। वे ऐसी लड़कियाँ होती है। जो पढ़ने -लिखने में जीरो और अपने आप को सर्वश्रेष्ठ समझती है।
मै उनसे कहना चाहती हूँ। आज भी समाज में अच्छे लोगो की पूछ होती है बुरे लोग केवल छुप कर ही दुसरो को परेशान करते है। समाज का सामना सीना ठोक कर हमेशा अच्छे लोग ही कर पाते है। बुरे लोग अपना पूरा समय दुसरो को नुकसान पहुँचाने में लगा देते है। वे भूल जाते है। यदि भगवान ने उन्हें दो हाथ बुरे कामो के लिए दिए है तो दूसरे को भी भगवान ने दो हाथ दिए है। यदि वे सोचते है कि उन के द्वारा किया काम दुसरो की जिंदगी रोक देंगा। तो वे नासमझ है।उनकी करनी कुछ समय के लिए परेशानी में अवश्य डाल देगी। लेकिन ये परेशानी हमेशा नही रहेंगी।
यदि वे सामर्थ्यवान हुए तो वे अपनी जिंदगी को कभी नही रुकने देंगे बल्कि उस मुश्किल में से निकलने का रास्ता ढूंढ लेंगे।
हाँ तुम दूसरे का बुरा करने के कारण अपनी उन्नति के पथ से भटक जाओगे। तुम्हारा काम जब दुसरो पर प्रकट होगा लोग तुमसे दूर भागने लगेंगे। उन्हें सदा डर बना रहेगा तुम दुसरो की जिंदगी में इतनी परेशानी ला सकती हो तो गुस्सा आने पर उसका विनाश करने में पीछे नही रहोगी। तुम्हे कभी सच्चा हमदर्द प्राप्त नही होगा। हम सामाजिक प्राणी है। हम साथियो के बिना नही रह सकते। हमें हमेशा सुख -दुःख में अपनी बाते बताने के लिए सच्चे साथी की जरूरत होती है। कोई भी सुख इंसान अकेले भोगना नही चाहता उसे अपने हर काम के लिए एक साझीदार की जरूरत होती है। ख़ुशी अकेले सुख नही दे सकती और दुःख में भी एक साथी चाहिए होता है।
दोस्त हमेशा अच्छे और सच्चे लोगो के बनते है। बुरे और कड़वा बोलने बाले हमेशा अपनी बात साझा करने के लिए लोगो को ढूंढ़ते रहते है। इसलिए मै चाहूंगी बुरा करने से पहले एक बार अवश्य सोचना की आप किसका बुरा कर रहे हो कही परोक्ष रूप में अपने रास्ते बंद तो नही कर रहे हो।
एक बार की गलती माफ़ की जा सकती है। बार -बार गलती माफ़ी योग्य नही होती है। बल्कि लड़कियों को माफ़ करने वाले लोग विरले होते है। उनकी माफ़ी का गलत इस्तेमाल आपको जिंदगी जीने लायक ही ना छोड़े उससे पहले ही संभलने में भलाई है।
मेने एक बार अपनी स्कूटी पर कुछ लड़कियों को बैठा देखा तो उन्हें वहाँ से हटा दिया। जब मेने जाने के समय अपनी गाड़ी देखी तो उसकी पीछे की लाइट टूटी हुई थी।
दूसरी बार का अनुभव और भी ज्यादा दुखदाई रहा। लड़कियों ने मेरी स्कूटी का हेंडल ही तोड़ दिया था। रेस देने वाला हिस्सा पूरी तरह से तोड़ दिया था। उसमे से तार झांक रहे थे।
तीसरी बार मेरी गाड़ी की चाबी जहॉ लगती है। उस जगह पर बहुत सारे छोटे -छोटे तिनके घुसा दिए थे जिसके कारण चावी अंदर जा ही नही सकती थी।उन तिनको को निकालने में बहुत मेहनत करनी पड़ी।
मेरा वास्ता केवल लड़कियों से पड़ता है। में इसका इल्जाम किसी लड़के पर नही लगा सकती आप सोचेंगी कि में बेकार में लड़कियों से खार खाती हूँ इसलिए उन्हें नाहक बढ़नाम कर रही हूँ मेरे जीवन में अधिकतर अच्छी लड़कियाँ आई है। उनकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। बुरी लड़कियों से वास्ता मेरा अभी पड़ रहा है। इन बुरी लड़कियों के कारण मेरी सोच बदलती जा रही है।
बुरी लड़कियों के कारनामे मुझे झकझोर जाते है। बचपन से अब तक मेने ऐसी लड़कियाँ नही देखी थी। जैसी मुझे अब देखने के लिए मिल रही है। उन्हें सही -गलत का अंतर बताने की कोशिश करो तो वे अपनी गलती मानने के स्थान पर हमें ही गलत समझने लगती है। हमें सबक सिखाने की फ़िराक में रहती है। वे उस समय सही गलत का निर्णय लेने के स्थान पर सिर्फ अपना गुस्सा उतारने के सारे उपाय अंजाम दे डालती है। उनके गुस्से का अंजाम मेने खुद कई बार भुगता है। वे ऐसी लड़कियाँ होती है। जो पढ़ने -लिखने में जीरो और अपने आप को सर्वश्रेष्ठ समझती है।
मै उनसे कहना चाहती हूँ। आज भी समाज में अच्छे लोगो की पूछ होती है बुरे लोग केवल छुप कर ही दुसरो को परेशान करते है। समाज का सामना सीना ठोक कर हमेशा अच्छे लोग ही कर पाते है। बुरे लोग अपना पूरा समय दुसरो को नुकसान पहुँचाने में लगा देते है। वे भूल जाते है। यदि भगवान ने उन्हें दो हाथ बुरे कामो के लिए दिए है तो दूसरे को भी भगवान ने दो हाथ दिए है। यदि वे सोचते है कि उन के द्वारा किया काम दुसरो की जिंदगी रोक देंगा। तो वे नासमझ है।उनकी करनी कुछ समय के लिए परेशानी में अवश्य डाल देगी। लेकिन ये परेशानी हमेशा नही रहेंगी।
यदि वे सामर्थ्यवान हुए तो वे अपनी जिंदगी को कभी नही रुकने देंगे बल्कि उस मुश्किल में से निकलने का रास्ता ढूंढ लेंगे।
हाँ तुम दूसरे का बुरा करने के कारण अपनी उन्नति के पथ से भटक जाओगे। तुम्हारा काम जब दुसरो पर प्रकट होगा लोग तुमसे दूर भागने लगेंगे। उन्हें सदा डर बना रहेगा तुम दुसरो की जिंदगी में इतनी परेशानी ला सकती हो तो गुस्सा आने पर उसका विनाश करने में पीछे नही रहोगी। तुम्हे कभी सच्चा हमदर्द प्राप्त नही होगा। हम सामाजिक प्राणी है। हम साथियो के बिना नही रह सकते। हमें हमेशा सुख -दुःख में अपनी बाते बताने के लिए सच्चे साथी की जरूरत होती है। कोई भी सुख इंसान अकेले भोगना नही चाहता उसे अपने हर काम के लिए एक साझीदार की जरूरत होती है। ख़ुशी अकेले सुख नही दे सकती और दुःख में भी एक साथी चाहिए होता है।
दोस्त हमेशा अच्छे और सच्चे लोगो के बनते है। बुरे और कड़वा बोलने बाले हमेशा अपनी बात साझा करने के लिए लोगो को ढूंढ़ते रहते है। इसलिए मै चाहूंगी बुरा करने से पहले एक बार अवश्य सोचना की आप किसका बुरा कर रहे हो कही परोक्ष रूप में अपने रास्ते बंद तो नही कर रहे हो।
एक बार की गलती माफ़ की जा सकती है। बार -बार गलती माफ़ी योग्य नही होती है। बल्कि लड़कियों को माफ़ करने वाले लोग विरले होते है। उनकी माफ़ी का गलत इस्तेमाल आपको जिंदगी जीने लायक ही ना छोड़े उससे पहले ही संभलने में भलाई है।
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