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      वेद ने माला की शादी के लिए एक साल का समय माँगा । लड़केवालों ने इसके लिए हामी भर दी। वेद माला की शादी के लिए पैसा जोड़ने लगा। लोकेश अभी तक प्रायवेट नौकरी कर रहा था।  अध्यापक की प्रायवेट नौकरी में कम पैसे मिलते है।  लोग अध्यापक की प्रायवेट नौकरी करने वालो को इज्जत की निगाह से भी नही देखते। लेकिन माला की किस्मत से  एक साल के अंदर लोकेश की सरकारी नौकरी लग गयी। लोकेश की किस्मत माला  के साथ बंधते ही उसके जीवन में खुशियाँ आनी  शुरू हो गयी। लोकेश की नौकरी लगते ही लोकेश के घर उसकी शादी  के लिए रिश्ते आने शुरू हो गए।
         लोकेश के पिताजी के कहते ही -   पहले से ही रिश्ता  तय हो चूका हे।  लड़कीवालों के मुह उत्तर जाते थे।
   लोकेश का  कद लम्बा था।  इस तरफ किसी का ध्यान नही गया। वेद खुद 6  फुट लम्बे थे। वह अपने परिवार में सबसे लम्बे थे जबकि सुकन्या का कद   केवल 5  फीट  था वेद के बेटे भी वेद जितने लम्बे नही हुए लेकिन वे पौने छः फीट के लगभग  थे।  लड़कियाँ उनकी पांच फीट के आस -पास थी। लेकिन माला का कद पांच फीट  से भी कम  था। कद की तरफ  किसी ने ध्यान नही दिया।
        लोकेश की सरकारी नौकरी लगते ही  उनके पड़ोस में रहने वाले एक रिश्तेदार सुकन्या से  बोली  - आपकी माला का कद तो बहुत कम है। दोनों की जोड़ी अच्छी नही लगेगी। इसके साथ हमारी नेहा ज्यादा अच्छी लगेगी।
   सुकन्या उसके शब्द सुनकर तिलमिला गयी। उसने कहा -अब तक आपका ध्यान क्यों नही गया। मेरे हाँ कहते ही आपको लोकेश अपनी बेटी के लिए उचित लग रहा है। यदि आप पहले रिश्ता तय कर देती तो मै इस तरफ ध्यान ना देती। अब शादी पक्की हो चुकी हे आपके चाहने से  ये रिश्ता मै नही तोड़ूँगी। आप अपनी बेटी के लिए कोई और रिश्ता देख लो।
   जिन लोगो की निगाहो में अब तक उसके गुण  ओझल थे। वे अब अपनी सोच पर अफसोस मनाने लगे।किसी का ध्यान अब तक उसके किसी गुण की तरफ नही गया था। सिर्फ सबको  उसकी अच्छी पढ़ाई का ध्यान था। इसके आलावा उस के बारे में सोचना किसी ने जरूरी नही समझा था।
    माला की सगाई की रस्म के बाद हिना के पति मदन  ने लोकेश की तारीफों के पुल बांध दिए।
       मदन के मुह से जब निकला -लोकेश कद में उनसे ऊँचा है।
      किसी को यकीन नही आया। मदन  अपनी बात पर अड़े रहे कि लोकेश उनसे लम्बे कद का है। कोई भी इसे सच मानने के लिए तैयार नही था। उन लोगो में लोकेश के कद को लेकर शर्त लग गयी। तब सबने निर्णय लिया की चार दिन बाद शादी है तब पक्का सबुत मिल जायेगा। तब बहस ख़त्म हुई।
    शादी वाले दिन जब सबने लोकेश को देखा तब सब हैरान हो गए। घर की सबसे छोटे कद की लड़की को सबसे लम्बा पति मिला है।
      इसे कहते है भगवान जिसकी जोड़ी जिससे बनाता हे वह होकर रहता हे। वेद कभी भी माला के लिए रिश्ता देखने इतनी दूर नही जाता। लड़का खुद घर चलकर आया। अपने से काफी छोटे कद की लड़की के लिए हाँ कर दी। उस समय में लड़की या लड़का केवल एक बार ही एक दूसरे को देख सकते थे। दूसरी बार उन्हें देखने का मौका भी नही मिला। पहली बार में  उन्हें एक दूसरे की कमी देख कर निर्णय लेने का मौका भी नही मिला।  इसे कहते है रिश्ते स्वर्ग में बनते है। 

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