कल (तम्बाकू दिवस )तम्बाकू पर बहुत सारे कार्यक्रम हुए जिसमे बताया गया था तम्बाकू खाने से क्या नुकसान हो सकते है या हुए है। ऐसे में मुझे अपना अनुभव आपसे साझा करने का मौका मिला है । मेरे जानने वाले सुशील जी गुटखा खाते थे उनकी पत्नी उन्हें मना करती थी । उन्हें उनका गुटखा खाना बिलकुल पसंद नही था । पर पत्नी के समझाने का उनपर कोई असर नही होता था । रीना को पति का गुटखा खाना बिलकुल नही सुहाता था । उनकी अनुनय -विनय का सुशील पर कोई असर नही होता था । रीना उनके कपड़ो पर गुटखे के धब्बे देखती उनपर लाल -पीली हो जाती पर सुशील एक कान से सुन कर दूसरे कान से निकल देते ।
सुशील की कमीज बहुत गन्दी हो रही थी । उसने कमीज को धोना शुरू किया । उसे कमीज की जेब में कुछ रखा हुआ दिखाई दिया । रीना ने जेब का सामान बाहर निकला । जेब में गुटखे का पाउच खुला हुआ रखा था । रीना ने इससे पहले पाउच में क्या होता है । कभी देखा नही था । जिज्ञासा वस गौर से देखने लगी । उन्हें उसमे चलता हुआ कुछ दिखाई दिया । उसे उन्होंने और भी गौर से देखा । रीना हैरान रह गई वह एक गिरार (छोटा कीड़ा ) थी । रीना का हाथ चलते चलते रुक गया । वह सोचने लगी । इस कीड़े वाली चीज को खाने के लिए उसके पति उससे हमेशा झगड़ने के लिए तैयार रहते है । वह कमीज धोना भुल गयी । उसके हाथ वही रुक गए । रीना ने उस गीली कमीज को वैसे ही समेट दिया ।
सुशील जब शाम के समय घर आये रीना ने वो गीली गन्दी कमीज उनके सामने खोल के रख दी । रीना ने पूछा -" देखो ये क्या है ।"
सुशील को पहले कुछ समझ नही आया । वह हतप्रभ सा रीना का मुख देखता रह गया । फिर कहा -" मेँ समझा नही । तुम क्या कहना चाहती हो ।"
रीना ने कहा - "ये सामान तुम्हारी जेब से निकला है । ये वही गुटखा है । जो आप रोज खाते हो ।"
सुशील बोला -" इसमें नई बात क्या है ।"
रीना ने कहा -"जरा गौर से देखो बहुत कुछ दिखाई देगा । इसमें गिरार भी है । यदि यही गिरार खाने में दिख जाती है । तो खाना उठा के फेंक देते हो । जबकि इस अमृत को खाने के लिए मुझसे लड़ने के लिए तैयार रहते हो ।" जैसे ही सुशील ने गिरार को देखा । उसके बाद उसने रीना से माफ़ी मांगी । उसका सुशील पर इतना असर हुआ । इसके बाद उन्होंने कभी जिंदगी में गुटखा नही खाया ।
सुशील की कमीज बहुत गन्दी हो रही थी । उसने कमीज को धोना शुरू किया । उसे कमीज की जेब में कुछ रखा हुआ दिखाई दिया । रीना ने जेब का सामान बाहर निकला । जेब में गुटखे का पाउच खुला हुआ रखा था । रीना ने इससे पहले पाउच में क्या होता है । कभी देखा नही था । जिज्ञासा वस गौर से देखने लगी । उन्हें उसमे चलता हुआ कुछ दिखाई दिया । उसे उन्होंने और भी गौर से देखा । रीना हैरान रह गई वह एक गिरार (छोटा कीड़ा ) थी । रीना का हाथ चलते चलते रुक गया । वह सोचने लगी । इस कीड़े वाली चीज को खाने के लिए उसके पति उससे हमेशा झगड़ने के लिए तैयार रहते है । वह कमीज धोना भुल गयी । उसके हाथ वही रुक गए । रीना ने उस गीली कमीज को वैसे ही समेट दिया ।
सुशील जब शाम के समय घर आये रीना ने वो गीली गन्दी कमीज उनके सामने खोल के रख दी । रीना ने पूछा -" देखो ये क्या है ।"
सुशील को पहले कुछ समझ नही आया । वह हतप्रभ सा रीना का मुख देखता रह गया । फिर कहा -" मेँ समझा नही । तुम क्या कहना चाहती हो ।"
रीना ने कहा - "ये सामान तुम्हारी जेब से निकला है । ये वही गुटखा है । जो आप रोज खाते हो ।"
सुशील बोला -" इसमें नई बात क्या है ।"
रीना ने कहा -"जरा गौर से देखो बहुत कुछ दिखाई देगा । इसमें गिरार भी है । यदि यही गिरार खाने में दिख जाती है । तो खाना उठा के फेंक देते हो । जबकि इस अमृत को खाने के लिए मुझसे लड़ने के लिए तैयार रहते हो ।" जैसे ही सुशील ने गिरार को देखा । उसके बाद उसने रीना से माफ़ी मांगी । उसका सुशील पर इतना असर हुआ । इसके बाद उन्होंने कभी जिंदगी में गुटखा नही खाया ।
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