हम पिछले दिनों राजस्थान के अजमेर शहर गए थे । आपको हैरानी हो रही होगी गर्मियों में गर्म इलाके में क्यों गए । आपको जानकर आश्चर्य होगा राजस्थान दिल्ली की अपेक्षा ठंडा होता है । वहाँ केबल दोपहर में ही गर्मी होती है । सुबह -शाम का मौसम सुहाना होता है । पिछले दिनों वहाँ बारिश होकर हटी थी इस कारण मौसम सुहाना था । हमें वहाँ आना सागर पर घूमना बहुत अच्छा लगा । आना सागर एक पिकनिक स्पॉट की तरह बनाया गया है । जब दरवाजे से अंदर गए वहाँ चारो और हरियाली फैली हुई थी । राजस्थान के बारे में सबको भ्रम है वहाँ हरियाली की कमी होगी पर वहाँ के लोग जागरूक हो रहे है । उनकी कोशिश होती है । जहाँ थोड़ी सी भी जगह दिखाई देती है । वे लोग हरियाली लाने की कोशिश करते है । कई तरह के पेड़-पोधो की बहार चारो और दिखाई दे रही थी । उस हरियाली ने मेरा मन मोह लिया । बीच -बीच में चलने की जगह बनी हुई थी । लोग हरियाली पर चलकर घास को खराब नही कर रहे थे । दिल्ली में इस समय अधिकतर जगह घास मुरझाई हुई दिखाई दे जाएगी । वहाँ चारो तरफ खिली हुइ हरियाली दिखाई दे रही थी ।
वहाँ हरियाली को पारकर आगे बढ़ने पर संगमर्मर की बनी हुई राहदारी दिखाई दी । उसे बनाने में काफी संगमर्मर का प्रयोग हुआ है । किवदंती है उसका निर्माण मुगलो ने किया था । उसके निर्माण में मुगल कला प्रतिबिम्बित होती है । वहाँ संगमर्मर की छतरियों के नीचे बैठकर आनासागर देखना बहुत अच्छा लग रहा था । आना सागर बनाई हुए झील है । उस झील का पानी चारो तरफ फैला हुआ था । उसकी ठंडी हवा मन को तरो ताजा कर रही थी । उस झील को निहारना मन को सुखद लग रहा था । हम काफी देर तक झील को देखते रहे । उसे देखते हुए मन ही नहीं भर रहा था ।वहाँ अनेक तरह की वेश -भूषा में लोग घूम रहे थे । उनके बात -चीत के तरीके से वे विदेशी जान पड़ते थे । वहाँ लोगो की बहुतायत थी । सभी जोश से भरे हुए थे । उनका जोश मेरे अंदर भी भरने लगा ।
लोग नावो में सैर कर रहे थे । नावों में बैठे लोगो को देखकर हमारा भी मन नाव की सैर करने के लिए मचलने लगा । हम भी नावों के पास पहुंच गए । काफी समय बाद हमें नावो में सवार होने का मौका मिला । हमारा मन नाव में बैठते ही ख़ुशी से भर गया । नाव बालो ने सुरक्षा के लिए लाइफ -जैकेट का इंतजाम कर रखा था । आना सागर में उन्होंने कई सारे मन को भाने वाले इंतजाम कर रखे थे । जगह -जगह सुन्दर दृश्य बनाये गए थे । जिन्हे देखकर यकींन नही आ रहा था । पानी में चमत्कार कैसे किया है । कुछ साल पहले अजमेर में सुखा पड़ा था । उस समय उन चीजो के द्वारा सुंदरता बढ़ाई गयी । जो आज हमे आश्चर्य चकित कर रहे है । लोग मछलियो को खिलाने के लिए चारा डाल रहे थे । जिसके कारण हमारे चारो और मछलिया तैर रही थी । इतनी सारी मछलियो को देखकर मन आनंदित हो उठा था । वहाँ बैठकर मन का तनाव कहा गायब हो गया पता ही नही चला ।
वहाँ हरियाली को पारकर आगे बढ़ने पर संगमर्मर की बनी हुई राहदारी दिखाई दी । उसे बनाने में काफी संगमर्मर का प्रयोग हुआ है । किवदंती है उसका निर्माण मुगलो ने किया था । उसके निर्माण में मुगल कला प्रतिबिम्बित होती है । वहाँ संगमर्मर की छतरियों के नीचे बैठकर आनासागर देखना बहुत अच्छा लग रहा था । आना सागर बनाई हुए झील है । उस झील का पानी चारो तरफ फैला हुआ था । उसकी ठंडी हवा मन को तरो ताजा कर रही थी । उस झील को निहारना मन को सुखद लग रहा था । हम काफी देर तक झील को देखते रहे । उसे देखते हुए मन ही नहीं भर रहा था ।वहाँ अनेक तरह की वेश -भूषा में लोग घूम रहे थे । उनके बात -चीत के तरीके से वे विदेशी जान पड़ते थे । वहाँ लोगो की बहुतायत थी । सभी जोश से भरे हुए थे । उनका जोश मेरे अंदर भी भरने लगा ।
लोग नावो में सैर कर रहे थे । नावों में बैठे लोगो को देखकर हमारा भी मन नाव की सैर करने के लिए मचलने लगा । हम भी नावों के पास पहुंच गए । काफी समय बाद हमें नावो में सवार होने का मौका मिला । हमारा मन नाव में बैठते ही ख़ुशी से भर गया । नाव बालो ने सुरक्षा के लिए लाइफ -जैकेट का इंतजाम कर रखा था । आना सागर में उन्होंने कई सारे मन को भाने वाले इंतजाम कर रखे थे । जगह -जगह सुन्दर दृश्य बनाये गए थे । जिन्हे देखकर यकींन नही आ रहा था । पानी में चमत्कार कैसे किया है । कुछ साल पहले अजमेर में सुखा पड़ा था । उस समय उन चीजो के द्वारा सुंदरता बढ़ाई गयी । जो आज हमे आश्चर्य चकित कर रहे है । लोग मछलियो को खिलाने के लिए चारा डाल रहे थे । जिसके कारण हमारे चारो और मछलिया तैर रही थी । इतनी सारी मछलियो को देखकर मन आनंदित हो उठा था । वहाँ बैठकर मन का तनाव कहा गायब हो गया पता ही नही चला ।
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