charitre

         चरित्र हम विपरीत लिंग के साथ इंसान के किये गए व्यवहार से नापते हे सही मायने में चरित्र सिर्फ इतने को मानना काफी नही है । वही इंसान सत्चरित्र कहला सकता है ।  जिसकी अपनी सभी इन्द्रियों पर वश  हो । पांचो इन्द्रिया  जिसके वश  में होती है । वही  इंसान सफलता की सीडिया चढ़ता जाता है । अधिकतर लोगो में कमी होती है । वह आगे बढ़ना तो चाहते है । पर जितने संयम की जरूरत होती है । उसके आभाव में पूरे  मन से काम नही कर पाते उनका प्रयास असफल हो जाता है । उनमे निराशा भर जाती है । समाज में मनवांशित जगह नही मिल पाती जिसके कारण गलत रास्ते  पर चल पड़ते है ।
            कुछ समय पहले में राशिद  नामक एक युवक से  एक केम्प  में  मिली ।  यह केम्प युवाओ को चतुर्मुखी विकास की और अग्रसर करने के लिए था । वह मुश्किल से 17  साल का था । अभी जवानी के सफर पर उसने कदम बढ़ाये थे ।
          सभी वहाँ  करवाये जा रहे कार्यक्रम का पालन कर रहे थे । पर राशीद का पूरा ध्यान सिर्फ लड़कियों पर था । जो उस केम्प में आयी  हुई  थी । वह लड़का हर समय किसी लड़की को अकेले मिलने की कोशिश में लगा रहता पर बहुत सारे  लोगो के बीच उसकी इच्छा पूरी नही हो पा  रही थी । एक समय उसे अकेले एक लड़की मिल गयी । उस लड़की के साथ राशीद  ने गलत व्यवहार किया । उसकी शिकायत करने पर उसे केम्प से निकाल दिया । उसकी गलत हरकत के कारण लड़कियाँ डर  गयी । ये केम्प सिर्फ दिन का था । रात में सभी अपने घर चले जाते थे ।  एक साथ लगभग सौ लोगो के बीच केम्प की व्यवस्था थी पर रशीद ऐसे में भी अपनी गलत हरकत से बाज नहीं आया ।
           कुछ सालो बाद मुझे खबर मिली की राशिद  जेल में बंद है  में हैरान रह गयी । अभी वह मुश्किल से २५ साल का हे । गहराई से जाने पर पता चला वह जिस जगह नौकरी करता था वहाँ  चोरी करते हुए रंगे हाथो पकड़ा गया ।
          राशीद सभ्य परिवार से सम्बन्ध रखता है । घर में आर्थिक तंगी नहीं है । ऐसे में आप उसके इस व्यवहार का क्या कारण मानेंगे । शायद आप मेरे विचारो से इतेफाक रखेंगे । 

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