वसूली कर्मचारियों के हाथो बर्बाद होते व्यवसाय
सरकार की टैक्स इकट्ठे करने को लेकर की जा रही सख्ती के कारण सभी फैक्टरी मालिक बर्बाद हो गए है। सरकार ने सभी कर्मचारियों पर अधिक से अधिक टैक्स इकट्ठा करने के लिए जोर देने के कारण उन्होंने अनेक तरह से डराना शुरू कर दिया है।उन्होंने बहुत सारी फैक्टरी और दुकानों पर ताला लगवा दिया है। .फैक्टरी मालिकों के बैंक अकाउंट सील हो गए है। जब उनके पास कर्मचारियों का वेतन देने के पैसे ही नहीं होंगे। वे काम कैसे कर सकेंगे।
इस समय व्यवसायी जितना टैक्स देते है उससे तीन गुना ज्यादा इन वसूली कर्मचारियों को पैसा दे रहे है ताकि उनकी फर्म बंद न करवा दे। .इसके बाबजूद सरकार की झोली में भी कुछ नहीं जा रहा। और व्यवसायी भी सर पकड़ कर बैठे है।
यदि व्यवसायी कमायेगा तो उसकी फैक्टरी में काम करने वालो के हाथो में भी चार पैसे आएंगे।
आप नए व्यवसायों को खुलवाने के बारे में सोच रहे है लेकिन जो व्यवसाय खुले हुए है उन्हें तो बंद होने से बचाइए। उनके कारण अनेक लोगो की रोजी चल रही है। एक व्यवसाय को चलाने के लिए बर्षो मेहनत करनी पड़ती है। तब उसका फल मिलना शुरू होता है।
करोना के कारण सब कुछ खत्म होने के कगार पर है।
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