आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया
करोना के लोकडाउन के कारण सभी फैक्टरी और दुकाने 40 दिन के लिए बंद है। उनके पास व्यापार के तहत साधन नहीं बचे।जो आर्डर देश -विदेश से पूरे किये गए वे सब इस महामारी के काल में केन्सिल हो गए है। फैक्टरी में बना हुआ मॉल पड़ा है। उनकी लागत के हिसाब से पैसा चुकाया जा चुका है। बाहर से पैसे आने के आसार नहीं है।
देनदार और मजदूरों को कहाँ से पैसा दिया जाये। इस बारे में सोचकर मालिक परेशान है। सरकारी आदेश के अनुसार सभी को पैसा देना जरूरी है।
ऐसे वक्त में सरकारी कर देने के लिए इंतजाम को लेकर सभी मालिक परेशान है। उनके हालत देखकर सरकार को उन्हें कर में राहत देने की कोशिश करनी चाहिए। जैसे मजदूरों की विपदा का सरकार ध्यान रख रही है वैसे ही विपदाग्रस्त मालिकों का ध्यान रखे ताकि वे भी दुबारा से काम कर सके।
आजकल हालत ऐसे है -:आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया "
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें