बचपन से खुली हवा में सांस लेने पर जोर देते थे ।जो मुंह ढक के सोते थे। उन्हें डांट पड़ती थी।अब एनएच95 मास्क पर जोर दिया जाता है । ये ऐसे मास्क है जिनमे से हवा बिल्कुल बाहर न निकलें।बच्चे तो बच्चे इंसान भी बहुत मुश्किल से पहन पा रहे है।लेकिन वक़्त का तकाजा है

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