#charitr ka hanan

                                           चरित्र का हनन 

          China's Illegal Factories: The Human Cost | Pulitzer Centerएक बार मेने देखा बहुत सारे  लोग सड़क पर खड़े है। मेरे मोहल्ले में बहुत सारी  उन दिनों फैक्टरी थी। वे सब बंद थी।
     उन्हें देखकर मेंने अपनी पहचान के इंसान से पूछा -" सब  फैक्टरी बंद करके बाहर कैसे खड़े है। "
      उन्होंने कहा-" सील करने वाले  पिछले मोहल्ले तक आ चुके है। हमारे इलाके में भी आ सकते है। "
    मेने हैरानी से पूछा "-सबने फैक्टरी  क्यों बंद कर  दी है। "
      उन्होंने कहा -" भारत में सभी के कागजो में कोई न कोई कमी होती है। खुली हुई फैक्टरी को देखकर उसमे जाकर कमी ढूंढ  कर उसे बंद कर दे। उनका क्या पता। हमारी रोजी पर बन आएगी। उनके मुँह तो खून ( रिश्वत ) लगा होता है। "
     उनके शब्दों ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। एक इंसान की बदनीयती कितने इंसानो को बर्बाद कर सकती है। हर परिवार में चार -पांच लोग होते है। उनके मुँह से निवाला छीनने में बिलकुल गुरेज नहीं करते। यदि उनके काम में कमी होती है। तो शुरू में ही चलाने न दे। चलते  हुए काम को बंद कराना कहाँ का इंसाफ है।
     भारत में सरकारी कर्मचारियों को लेकर बनी  हुई सोच ने मुझे दुखी कर दिया। उनकी नेकनीयती पर सभी को शक है। 

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