#airlift

     
आप एयरलिफ्ट फिल्म को देखकर जिंदगी के सच  के बारे में जानकर परेशान हो जायेंगे। जिंदगी कुछ ही समय में कहाँ  से कहाँ ले जा सकती हे। इसमें रंजीत कत्याल का चरित्र ऊंचाइयों और अच्छाइयों का मिश्रण है। उसमे अमीरी के साथ लोगो की भलाई करने और जिम्मेदारी उठाने का जज्बा दिखाया गया है। जब इंसान छोटे स्वार्थो से ऊपर उठकर लोगो के लिए कुछ करना चाहता है। तब उसके जीवन में कितनी ज्यादा रुकावटे आती  है। जिंदगी का हर लम्हा मौत और जिंदगी का रास्ता तय करता है। जिंदगी में आये हुए सही निर्णय उसे दूसरो की निगाहो में उठाने का कार्य करते है। 
     सफल लोग अपने कठिन समय में घबराते नही बल्कि उनका डट कर सामना करते है। एक नेता के गुण  हर इंसान में नही होते बल्कि नेतृत्व के गुण  भगवान  विशेष लोगो में देता है। नेता वह इंसान होता है जो जिंदगी में लोगो की जिम्मेदारी लेकर उन्हें सही रास्ता दिखाता है।  रणजीत  का चरित्र लोगो को कठिन समय में सहायता करने की हिम्मत देता है।वह अपने परिवार और अपने सुखो की तिलांजलि देकर लोगो के बीच एक मसीहा बन के उभरता है। उन्हें मझधार में से निकालने की कोशिश करता है।  वह अकेला इंसान बहुत सारे लोगो के लिए उम्मीद का  कारण बन जाता है। उनकी निराश परेशान जिंदगी में रौशनी बन जाता है। 
      आज के समय कुवैत जैसा हादसा कही भी किसी के साथ हो सकता है। अरबो के मालिको के लिए किसी अन्य देश के आक्रमण के कारण एक पल में जिंदगी हादसे में परिवर्तित हो जाती है।इसका उदाहरण आप इराक और सीरिया जैसे देशो के बारे में जानकर महसूस कर सकते हो। 
        इस फिल्म को देखने पर मुझे मध्य कालीन भारत याद आता है। तब सत्ता में स्थिरता नही थी। समय -समय पर आक्रमणकारी भारत की सम्पदा लूटने के लिए आ जाते थे। लेकिन स्थिर सत्ता  के आभाव में  आक्रमणकारियों से लड़ने वाले नही होते थे जिसके कारण  लोगो को जान -माल की रक्षा के लिए जंगलो में भागना पड़ता था।आज हम सुदृढ़ भारत में रहते हुए उन पलो की कल्पना करने में असमर्थ है। यदि आप इस फिल्म को देखेंगे तो उस हालत का सही अंदाजा लगाना बहुत आसान हो जायेगा। जब देश की रक्षा करने वाले ही सबसे पहले देश छोड़ कर भाग जाये तो निरीह जनता की दशा कितनी दुखदायी हो जाती है। 
       इस फिल्म को देखने के बाद एहसास होता है हमारे सुरक्षाकर्मियों के योगदान के कारण ही हम अस्मिता के साथ जीवन- यापन कर पाते है  .वरना जिंदगी के कोई मायने ही नही रह जाते है। मै इतिहास की ज्ञाता रही हूँ इसलिए मेरे मन में सारे  सेनिको के प्रति सम्मान कभी कम नही होता है। उनके रात भर सीमाओ की रक्षा में जागने के कारण हम गहरी नीद सो पाते  है वरना अराजकता के माहौल में हम अपने परिवार की जिंदगी की सुरक्षा करने में भी असमर्थ हो जायेंगे। में अपने सुरक्षा कर्मियों के योगदान के लिए प्रधान मंत्री जी से निवेदन करना चाहूंगी की प्रधानमंत्री फंड की तरह सुरक्षा कर्मी फंड भी बनाया जाये जिससे सभी यथायोग्य अनुदान दे सके।
       उत्तरप्रदेश  सरकार ने इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया है। सही मायने में यह फिल्म सभी के देखने योग्य है। मै चाहूंगी सभी सरकारें इससे टैक्स हटा दे। इसे देखकर लोगो के अंदर अपने देश के प्रति सम्मान और कुछ करने का जज्बा पैदा होगा।  

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