shararat


  1. में अपने रिश्तेदार के घर अपने बेटे को लेकर गयी वहाँ  हमे  बहुत अच्छा लग रहा था । बेटा बहुत खुश था । वो बच्चो के साथ खेल रहा था । हम सभी बहुत खुश थे । कोई एक दूसरे से दूर नहीं होना चाहता था । पर हमें घर भी लोटना होता हे । शाम के समय हम लौटने के लिए तैयार हुए ।  उन्होंने बेटे को चलते समय कुछ  पैसे दिए । बेटे ने न कहा । पर रिश्तेदार ने जबरदस्ती उसके हाथ में पैसे रख दिए । बेटा  गुस्से से भर गया । बोला - " में भीख नहीं लेता" । हम सुनकर हैरान रह गए । उसे बहुत समझाने  के कौशिश की पर वह नहीं माना । वह प्यार और भीख  में अंतर नहीं कर पा  रहा था । 
  2. में  अपनी बहन के घर गई वहाँ  काफी लोग आये हुए थे । बहुत मजा आ रहा था बहुत बातें  हो रही थी ।  एक भतीजे की बेटी   बार -बार हमारे बीच में आकर अपनी बात कहने की कौशिश कर रही थी । वह केवल तीन साल की थी । हमे उसपर  प्यार तो बहुत आ रहा था पर जितना ध्यान वो चाहती थी  उतना उसे नहीं दे पा  रहे थे ।
  3.                कुछ समय बाद जिद करने लगी पापा गोदी ले लो । बातो में उसपर ध्यान नहीं दे पा  रहे थे । वो जोर से कहने लगी पापा गोदी ले लो । मुझे शरारत सूझी । मेने उसके पापा के कंधे पर हाथ रख कर कहा - "ये मेरा बेटा  हे "  । इतना सुनते ही अपनी माँ की गोदी में चढ़ते हुए कहने लगी -"पापा दादी गोदी ले ली "।  हम समझ ही नहीं पा रहे  थे कि  हाथ रखते ही उसने कैसे समझ लिया । कि   उसका स्थान हमने ले लिया । वहाँ  सभी उस बच्चे से बड़े थे । हमारा हसते - हँसते  बुरा हल हो गया ।           

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