padai

जिंदगी में बहुत सीधी लडकिया भी होती है । जिन्हे देखकर हैरानी होती है ।  ऐसी ही  कामना नामक लड़की मेरे जीवन में आई । उसके मुह से किसी की बुराई मेने कभी नहीं सुनी । कभी भी दुनिया में किसी को न कहते हुए  सुना । उसका विवाह बहुत बड़े परिवार में हो गया था । उस समय कामना की उम्र  बहुत छोटी थी । उसके पति दूर शहर में नौकरी करते थे । वे कभी - कभी आते थे । बड़े परिवार के कुछ नियम होते है । उनका उन्हें पालन करना  पड़ता था । उसके ससुर  जी बहुत सख्त किस्म के इंसान थे । वे कामना की पढ़ाई  पर  बहुत जोर देते थे । इसीलिए उसे पति के साथ दूसरे शहर भी नहीं जाने देते थे । जब उसके पति आते थे उनपर कई तरह की पावंदी लगा देते थे । वे उसका विरोध करते थे । पर पिताजी अपना व्यव्हार बदलने के लिए बिलकुल तैयार नहीं होते थे ।
          अब कामना बी . एड  की पढ़ाई कर रही थी । इस पढ़ाई  के लिए  कामना को दूसरे शहर जाना पड़ता था । उसके ससुर जी जब  कामना और रमेश को  एक ही समय घर से निकलना होता तब भी दोनों को एक साथ नहीं जाने देते थे । कामना को पहले घर से जाने के लिए कहते उसके आधे घंटे बाद उसके पति को घर से जाने देते । मुझे सुनकर हैरानी हुई । मैंने पूछा इससे क्या फायदा होता था । कामना ने बताया "- यदि रमेश पहले घर से निकलते तो वो किसी जगह रूककर उसके आने का इंतजार करते । और उसे कॉलेज नहीं जाने देते । कही और ले जाते उसकी पढ़ाई में बाधा  आती ।" यदि वह पहले बाहर  जाती ओरतो को घर से बाहर रूककर इंतजार करने की आदत नहीं होती ।  इसलिए  उसके ससुरजी हमेशा कामना को ही पहले घर से जाने देते फिर रमेश को निकलने देते । रमेश हमेशा कामना को कही रूककर इंतजार करने के लिए कहते  पर उसे राह  में रूककर इंतजार करने में शर्म आती  थी वह कभी भी नहीं रुकी इस बात पर रमेश उससे बहुत झगड़ा करते थे ।  इस तरह कामना की पढ़ाई  ससुराल में रहते हुए पूरी हो गयी ।    
            अब वह रमेश के साथ शहर में जाकर रहने लगी । इस बीच उसके दो बच्चे  प्यारे  हुए ।    अब वह सुखी जीवन का सुख उठा रही थी । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

  शादी के समय दोनों अलग  माहौल  से आए होते हैं, जिसके कारण दोनों अपने साथी को अपने जैसा बनाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि दूसरा उसके जैसा व...