ek dastan

अनीता बहुत सुन्दर और लम्बी लड़की थी । उसे जो देखता देखता ही रह जाता था । फ़िल्मी हीरोइन तो कई तरीको से अपने आप को सुन्दर बनाने की कौशीश करती हे पर वो बिना किसी तरह की कौशिश के ही लोगो की आँखों में बस जाती थी । राह चलते  लोग  रुक कर उसे देखने लगते थे । वो बहुत ही हंसी मजाक करती रहती थी ।वह बहुत ही हाजिरजबाब थी । भगवान ने उसे फुर्सत से बनाया था । दूर कही लोगो का झुण्ड हंस रहा होता हमारे मन में आबाज उठती वहाँ अनीता ही होगी ।
         वो तीन बहने थी तीनो हर तरह से काबिल गुणों की किसी में कोई कमी नहीं थी । उसकी शादी जल्दी ही हो गयी थी । पढ़ाई पूरी होते ही उसकी सरकारी नौकरी लग गयी ।  उसे देखते ही लगता कितनी किस्मत वाली हे जिसे जिंदगी में मुश्किलो  का सामना नहीं करना पडा ।  जिस घर में उसकी शादी हुए वो अपने तरीको से उसे चलना चाहते थे । पर उसकी भी अपनी सीमाये होती है ।
       उसे सुबह ७ बजे विद्यालय आना होता था  तब तक दूध वाला नहीं आ पाता था ।
उसके ससुराल में हर चीज ताजी  प्रयोग होती थी रात को सुबह के लिए दूध तक नहीं बचा  सकते थे इसलिए   उसे बिना चाय पिए ही आना पड़ता था । नाश्ते का  तो कोई मतलब ही नहीं था वोविद्यालय में  सुबह ८ बजे तक चाय मंगवा लेती थी हमें तब तक इन सब का कारन नहीं पता था । अधिकतर नाश्ता भी बाहर  से आता  था हमें बहुत अजीव लगता था  पर हमने इन सबके बारे में नहीं सोचा । तब तक उसकी शादी को कुछ ही महीने हुए थे ।
       उसने अपनी पसंद के लड़के से शादी की थी।  पर शादी के बाद इंसान का सही रूप सामने आता  हे । रवि शादी से पहले उसकी हर इच्छा पूरी करने की कौशिश करता था । अब उसके प्रति लापरवाह हो गया था । वह उसकी शिकायत करती तो हम सभी कहते -" ये अपने अब के दुःख से दुखी नहीं पहले के सुख से दुखी हे। " उसकी हर बात का मजाक बना देते । हम उसकी किसी बात की गहराई नहीं समझ पाते ,कुछ समय बाद अनिता कही और चली गयी तब भी हम उस के दर्द को नहीं समझ पाए । वो और उसके पति अलग रहने लगे ।           ससुराल वालो से अलग होने पर कुछ हालत बदले थे पर जिम्मेदारी अनीता की बड  गयी थी क्योंकि हमारे समाज में लड़को का पालन इस तरह से किया जाता हे कि लड़के हमेशा लापरवाह ही बने रहते हे । अनीता सुबह पहले से जल्दी उठ कर घर का सारा काम पूरा करके आती  पर रवि उसके साथ सहयोग करने की जगह सोता रहता । अनीता को बहुत गुस्सा भी आता । लेकिन  रवि  पर कोई असर नहीं होता अनीता भी नाजो से पली थी उसे सबकुछ अजीब लगता।  रवि डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा था वह" m .d. "नहीं था इसलिए उसे नौकरी भी नहीं मिल रही थी । सारी  जिम्मेदारी निभाते हुए वह थक गयी थी । रवि मदद करने के लिए तैयार नहीं होता था । शादी के बाद सब कुछ औरत का ही क्यों बदलता हे ,ये प्रशन उसे परेशान करता रहता था ।  सब कौशिश करके वह थक गयी तब वह गुस्से में मायके आ गयी ।
        मायके में वह खुश थी । मायके में सब उसका कुछ न कुछ काम कर देते थे सब का उसे प्यार मिलता था अब उसने रवि को छोड़ने का मन बना लिया । अब रवि का मन बदल गया था वह उसे वापस बुलाना चाहता था पर उसका मन रवि के प्रति ख़राब हो चूका था । उसने अपना गर्भपात भी करवा लिया ।  कुछ समय बाद वह रवि से अलग रहने लगी । एक साल में ही सब कुछ समाप्त हो गया ।  हमे सब बहुत अलग लग रहा था । उसने तलाक लेने से पहले अपना स्थानांतरण करवा लिया था । इसलिए उसे समझाने का मौका भी नहीं मिल पाया
      बहुत समय बाद हमने सुना उसनेसुनील से  दूसरी शादी कर ली । उसका पति सहयोग पूर्ण ब्यबहार  करता था अब उसका जीवन खुशियो से भरा था । लेकिन स्वास्थ्य अब उसका साथ नहीं दे रहा था जब भी सुनते उसकी एक नई  बीमारी के बारे में पता चलता , उसे थायरॉइड  ,त्वचा 'की बीमारी हो गयी । उसके सुन्दर शरीर पर कई ऑपरेशन के निशान दिखने लगे । उसका सुन्दर शरीर भी देखने लायक नहीं रहा । जितनी भी बीमारी उसे लगी सभी लाइलाज थी । जब हमने  सुना  हैरान रह गए की उसका देहांत हो गया । हमे यकींन नहीं आ  रहा । उसकी उम्र केवल ३४  साल थी ।
        जिसके खुशहाल जीवन को देखकर लोगो को रश्क  होता था उसका जीवन इतना दुखो से भरा होगा किसने इस बात की कल्पना की होगी । सब कुछ भगवान ने उसे जल्दी दे दिया और जीवन भी जल्दी छीन भी लिया । 

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