#pariya











    बचपन से परियों  की दुनियाँ बड़ी सुहानी लगती थी। उसमे हर समय खो जाने का मन करता था। लेकिन वह हसींन दुनियाँ  सिर्फ सपनो तक सीमित  रही। बहुत समय से हिंदी में इसके किस्से कहानियाँ  सुनाई देने बंद हो गए। इन को फिल्मो का हिस्सा बनाना भी बंद कर दिया गया।
      होलीबुड की फिल्मो में फिर से इस विषय पर फिल्मे बनने लगी। इन्हे देखकर अच्छा लगता है लेकिन कही अंदर से बुरी परी के कारनामे देखकर डर से सिहर भी जाते है.
    आजकल हम परियो तक पहुँच नही पाते। लेकिन इन दिनों नन्ही लड़कियों के नाम "परी "रखा जाने लगा है। परी  आसमान से उत्तर कर भले हमें ख़ुशी देने न आये लेकिन ये नन्ही परिया जीवन को खुशियो से भर रही है। अब माहौल बदल गया है। ये बेटियो के रूप में हमें सपनो की दुनियाँ  तक पहुचाने में योगदान दे रही है। 

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