अधिकतर हम अधिकारों की बात करते है। हर समय अधिकारों की माँग करते रहने से आपस में कड़वाहट आने लगती है। हम परस्पर दूर होने लगते है। जीवन में हमे हर तरफ दुःख दिखाई देने लगता है। हम निराशा में डूब जाते है। हमे अपने रिश्तेदार भी बेगाने लगने लगते है। हममे नकारात्मकता दिखाई देने लगती है। हम गुस्से में भरे रहते है। सामने वाले के सीधे शब्दों का मतलब भी हमे जहर में डूबा हुआ दिखाई देने लगता है। हम लोगो से दूर अकेले रहने में भलमनसाहत समझते है। धीरे -धीरे हमारी यह आदत हमें कुंठित बना देती है। यह कुंठा एक दिन तनाव का कारण बन जाती है।
अपने अधिकारों की मांग करने वालो को न्यायालय के चककर लगाते,अपने आप को सही और विपक्षी को गलत साबित करते देखा होगा। अक्सर लोग इनके सामने इनको सही कहते और इनके पीछे ऐसे लोगो की बुराई करते देखा होगा। अक्सर ऐसे लोगो को देखकर लोग अपना रास्ता बदल लेते है। लोगो के जीवन में दूसरो के द्वारा लाई गई अनेक उलझने होती है। वे उनसे निकलने के लिए प्रयत्न कर रहे होते है। वे दूसरो की अपने आप पैदा की गई उलझनों से अलग रहने की कोशिश करते है।
आप एक बार अधिकारों को माँगना बंद करके देखिये। आप हैरान रह जायेंगे। आपके जीवन में बहुत परिवर्तन आ जायेगा। आपके चारो और खुशियाँ बिखर जाएँगी। आप के चारो तरफ लोगो का हुजूम दिखाई देने लगेगा।
हमारा समाज परेशानियों में डूबा हुआ है। सब सभी को अपना दुश्मन समझ रहे होते है। उन्हें एक सच्चे हमदर्द की तलाश होती है। जो ढूंढने से कही नही मिल रहा होता। आप केवल उनके मन की बात सुनिये आपको जानकर हैरानी होगी। वे सब लोग हमारी तरह होते है। उनके अंदर दूसरो को लेकर डर बैठा होता है। उन्हें लगता है यदि सामने वाला उसके अंदर झांक लेगा तो उसकी कमजोरी जान कर मजाक उड़ायेगा।
हमें केवल उनके अंदर छुपे हुए डर को निकाल कर विश्वास पैदा करना है। यदि आप उनके अंदर विश्वास जगा पायेंगे। तो उनकी मासूमियत आपको विभोर कर देगी। आप एक बार उनके अंदर झाँकने की कोशिश तो कीजिए।
हम हर समय अपने परिवार और अपने बारे में सोचते है। उनके प्रति कर्तव्य की पूर्ति ही हमारा ध्येय होता है। यदि आप थोड़ा समय समाज की भलाई में लगाएंगे तो आप देखेंगे की आपके कारण बहुत लोगो की जिंदगी सवर गयी है। जो लाचार और बेबस होते है। वे समाज के द्वारा नकारे जाने के कारण उम्मीदे छोड़ चुके है। उनकी तरफ एक बार हाथ बढ़ा कर देखिये। उनका जीवन बदल जायेगा।
आप के कारण बहुत लोगो को प्रेरणा मिलती है। एक हाथ बहुत सारे हाथो में बदल जायेगा। हमारे समाज में "वसुधैव कुटुंबकम " की भावना पाई जाती थी। हम पूरे विश्व को परिवार मानते थे। पूरे समाज की भलाई में जीवन को उत्सर्ग कर देते थे।
हमसे पुरानी पीढ़ी का यही उद्देश्य होता था। केवल हमारी पीढ़ी ने अपने अधिकारों के लिए लडने में प्रासंगिकता समझी इसी कारण वह दुःख के सागर में डूब गया।
आधुनिक समय में बिल गेट्स ,वारेन वफेट, मार्क जुकरबर्ग जैसे अरबपति फिर से अपने समाज के प्रति कर्तव्यो को निभाते दिखाई दे रहे है। उनके बढ़ते कदम दूसरो को भी इस पथ पर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे है।
आपका कर्तव्य पालन बहुत लोगो को प्रेरित करेगा। हमें अधिकार माँगने की जरूरत नही पड़ेगी। कर्तव्य पालन करने वाले इंसान को अधिकारों के लिए लड़ना नही पड़ता उसकी एक आवाज पर लोग न्योछावर होने के लिए तैयार रहते है।
"अन्ना हजारे"जैसे अनेक कर्तव्यनिष्ठ लोग आपको अपने चारो और दिखाई दे जायेंगे। अन्ना ने सेना में छोटी सी नौकरी की थी। लेकिन उनके साथ ऊँचे पदो पर काम करने वाले कितने लोगो को जानते है शायद 10 लोगो के नाम भी आप गिना नही सकेंगे। आज पूरा देश उन्हें उनके कर्तव्य पालन के कारण जानता है।
आपकी कर्तव्य निष्ठा मुखर होकर बोलेगी। आपका त्याग लोगो को समर्पण के लिए तैयार रखेगा। जितनी ख़ुशी आपको दूसरो के चेहरों की मुस्कुराहट में मिलेगी वह धन के अम्बार पर बेठ कर भी नही मिलेगी। दूसरों के होठो पर आई नन्ही सी मुस्कान का एक बार लुत्फ़ उठा कर तो देखिये आपका जीवन बदल जायेगा।
अपने अधिकारों की मांग करने वालो को न्यायालय के चककर लगाते,अपने आप को सही और विपक्षी को गलत साबित करते देखा होगा। अक्सर लोग इनके सामने इनको सही कहते और इनके पीछे ऐसे लोगो की बुराई करते देखा होगा। अक्सर ऐसे लोगो को देखकर लोग अपना रास्ता बदल लेते है। लोगो के जीवन में दूसरो के द्वारा लाई गई अनेक उलझने होती है। वे उनसे निकलने के लिए प्रयत्न कर रहे होते है। वे दूसरो की अपने आप पैदा की गई उलझनों से अलग रहने की कोशिश करते है।
आप एक बार अधिकारों को माँगना बंद करके देखिये। आप हैरान रह जायेंगे। आपके जीवन में बहुत परिवर्तन आ जायेगा। आपके चारो और खुशियाँ बिखर जाएँगी। आप के चारो तरफ लोगो का हुजूम दिखाई देने लगेगा।
हमारा समाज परेशानियों में डूबा हुआ है। सब सभी को अपना दुश्मन समझ रहे होते है। उन्हें एक सच्चे हमदर्द की तलाश होती है। जो ढूंढने से कही नही मिल रहा होता। आप केवल उनके मन की बात सुनिये आपको जानकर हैरानी होगी। वे सब लोग हमारी तरह होते है। उनके अंदर दूसरो को लेकर डर बैठा होता है। उन्हें लगता है यदि सामने वाला उसके अंदर झांक लेगा तो उसकी कमजोरी जान कर मजाक उड़ायेगा।
हमें केवल उनके अंदर छुपे हुए डर को निकाल कर विश्वास पैदा करना है। यदि आप उनके अंदर विश्वास जगा पायेंगे। तो उनकी मासूमियत आपको विभोर कर देगी। आप एक बार उनके अंदर झाँकने की कोशिश तो कीजिए।
हम हर समय अपने परिवार और अपने बारे में सोचते है। उनके प्रति कर्तव्य की पूर्ति ही हमारा ध्येय होता है। यदि आप थोड़ा समय समाज की भलाई में लगाएंगे तो आप देखेंगे की आपके कारण बहुत लोगो की जिंदगी सवर गयी है। जो लाचार और बेबस होते है। वे समाज के द्वारा नकारे जाने के कारण उम्मीदे छोड़ चुके है। उनकी तरफ एक बार हाथ बढ़ा कर देखिये। उनका जीवन बदल जायेगा।
आप के कारण बहुत लोगो को प्रेरणा मिलती है। एक हाथ बहुत सारे हाथो में बदल जायेगा। हमारे समाज में "वसुधैव कुटुंबकम " की भावना पाई जाती थी। हम पूरे विश्व को परिवार मानते थे। पूरे समाज की भलाई में जीवन को उत्सर्ग कर देते थे।
हमसे पुरानी पीढ़ी का यही उद्देश्य होता था। केवल हमारी पीढ़ी ने अपने अधिकारों के लिए लडने में प्रासंगिकता समझी इसी कारण वह दुःख के सागर में डूब गया।
आधुनिक समय में बिल गेट्स ,वारेन वफेट, मार्क जुकरबर्ग जैसे अरबपति फिर से अपने समाज के प्रति कर्तव्यो को निभाते दिखाई दे रहे है। उनके बढ़ते कदम दूसरो को भी इस पथ पर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे है।
आपका कर्तव्य पालन बहुत लोगो को प्रेरित करेगा। हमें अधिकार माँगने की जरूरत नही पड़ेगी। कर्तव्य पालन करने वाले इंसान को अधिकारों के लिए लड़ना नही पड़ता उसकी एक आवाज पर लोग न्योछावर होने के लिए तैयार रहते है।
"अन्ना हजारे"जैसे अनेक कर्तव्यनिष्ठ लोग आपको अपने चारो और दिखाई दे जायेंगे। अन्ना ने सेना में छोटी सी नौकरी की थी। लेकिन उनके साथ ऊँचे पदो पर काम करने वाले कितने लोगो को जानते है शायद 10 लोगो के नाम भी आप गिना नही सकेंगे। आज पूरा देश उन्हें उनके कर्तव्य पालन के कारण जानता है।
आपकी कर्तव्य निष्ठा मुखर होकर बोलेगी। आपका त्याग लोगो को समर्पण के लिए तैयार रखेगा। जितनी ख़ुशी आपको दूसरो के चेहरों की मुस्कुराहट में मिलेगी वह धन के अम्बार पर बेठ कर भी नही मिलेगी। दूसरों के होठो पर आई नन्ही सी मुस्कान का एक बार लुत्फ़ उठा कर तो देखिये आपका जीवन बदल जायेगा।
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