इंदौर में बहने वाली नदी
नर्मदा नदी महाराष्ट्र के अमरकंटक से निकलती है। उसके बाद मध्यप्रदेश को सींचती हुई गुजरात में खम्बात की खाड़ी में गिरती है। इसके द्वारा तीन राज्यों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। नर्मद नदी के कारण सारा प्रदेश हरा- भरा रहता है।
उज्जैन में शिप्रा नदी बहती है। उससे कुछ दूरी पर इंदौर में नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा नदी को कुछ लोग नर्बदा भी कहते है .लेकिन दोनों एक ही नदी का नाम है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास शिप्रा नदी बहती है। ओंकारेश्वर ज्योतिलिंग के पास नर्मदा नदी बहती है। दोनों ही ज्योतिर्लिंग है। भारत में कुल बारह ज्योतिर्लिंग है उसमे से ये दो ज्योतिर्लिंग बहुत पास है।
उज्जैन में शिप्रा नदी बहती है। उससे कुछ दूरी पर इंदौर में नर्मदा नदी बहती है। नर्मदा नदी को कुछ लोग नर्बदा भी कहते है .लेकिन दोनों एक ही नदी का नाम है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के पास शिप्रा नदी बहती है। ओंकारेश्वर ज्योतिलिंग के पास नर्मदा नदी बहती है। दोनों ही ज्योतिर्लिंग है। भारत में कुल बारह ज्योतिर्लिंग है उसमे से ये दो ज्योतिर्लिंग बहुत पास है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तक पहुंचने के लिए नर्मदा नदी को पार करना पड़ता है। हमने नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लिया। कुछ दूर पहुंचने पर हमने एक पुल देखा। उसे देखकर हैरानी हुई। नाविक से पूछने पर पता चला ये पुल भी ओंकारेश्वर मंदिर तक पहुँचाता है। तब हमे नाव पर पैसे खर्चने का दुःख हुआ। पुल से बिना पेसो के नदी पार की जा सकती थी।
इस पुल के कारण नाविको को नाव की सवारी करने वाले लोग नहीं मिलते। उनका रोजगार भी कम हो गया है। जिंदगी में विकास के कारण कुछ लोगो को नुकसान का सामना भी करना पड़ता है।

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