#rat ko khane ka maja in indore

          इंदौर का सर्राफा बाजार या फ़ूड कोर्ट

   


 आपने ऐसे   किसी बाजार की कल्पना की है। जो रात  के आठ बजे खुलकर सुबह तक चलता है यहाँ पर अनेक तरह के खाने -पीने  का सामान मिलता है। जहाँ सारी  सड़के सुनसान हो जाती है। आवागमन के साधन नगण्य हो  जाते है ऐसे समय में इस बाजार की रौनक बढ़ने लगती है। आपको इसे  देखकर यकीन करना मुश्किल हो जायेगा। जिस वक्त हम सोने की सोचने लगते  है। उस समय ये बाजार लगना  शुरू हो जाता है। 
       जितने  खाने के सामान पूरे  इंदौर  में दिखाई नहीं देते। उससे ज्यादा सामान इस अकेले सर्राफा  बाजार में मिल जाता है। इंदौर  में बाकि भारत की अपेक्षा गर्मी अधिक होती है। इस कारण हम शाम के समय  शहर देखने निकले थे। जिसके कारण सर्राफा  बाजार हम रात  यानि आठ बजे पहुंच गए. उस समय सर्राफा बाजार बंद होना शुरू हुआ था। और फूडकोर्ट लगना  शुरू हुआ था। यहाँ के बाजार में पूरे भारत की अपेक्षा खाने -पीने  के सामान का स्वाद अलग था। उसको सजाने का तरीका मन को लुभा रहा था। 
       हमने अनेक तरह का खाने का स्वाद लेना शुरू किया। कुछ ही समय में हमारा पेट भर गया। लेकिन मन नहीं भरा। हम तीन लोग घूमने गए थे। हमें लग रहा था हमे पूरी चीज नहीं खानी  चाहिए थी बल्कि एक चीज लेकर बाँट कर  खानी  चाहिए थी। जिससे हर खाने का मजा लिया जा सकता। 
        अब हमे बहुत अफ़सोस हो रहा था। हम कई दिनों के लिए इंदौर  में क्यों नहीं रुक सके। हमे और बहुत सारी  चीजे खाने का मौका मिल सकता। जब रात  के दस बजे हम लौटने लगे। उस समय लोगो का  इस बाजार में आना जारी था। 
      मै  हमेशा दस बजे सो  जाती हूँ। इसके बाद खाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहती। लेकिन इस बाजार की बढ़ती हुई रौनक देखकर लग रहा था। यहाँ रात  को खाने की रौनक परवान चढ़ती है।
        यदि आपको इंदौर  जाने का मौका मिले तब आप  आठ बजे से पहले मत खाइये। उसके बाद अपने ऊपर नियंत्रण करना छोड़ दीजिये। यही इस जगह के मजे है।  

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