इंदौर का नाम
मैंने देवताओ के राजा इंद्र का नाम सुना था। लेकिन कोई भी अच्छाई की कल्पना नहीं कर पाती थी .मेरे दिमाग में हमेशा सिंहासन छीन जाने के डर से सहमा हुआ इंसान नजर आता था। क्योंकि इन्दर भगवान ने सौ यज्ञ करके देवताओ के राजा का पद पाया था . वह अनेक षड्यंत्र करके लोगो की तपस्या भंग करने में लगे रहते थे ताकि कोई उसका पद न छीन ले।
मैने इंद्र भगवान का कोई मंदिर नहीं देखा था। लेकिन इंदौर जाकर पता चला वहां इन्दरेश्वर भगवान का बहुत बड़ा मंदिर है। इनके नाम पर ही इंदौर का नाम पड़ा है। वहां उनकी पूजा की जाती है। आप कल्पना करके देखिये आपको भी इन्द्रेश्वर भगवान के मंदिर आसानी से नहीं मिलेंगे। छोटे -छोटे अनेक देवताओ की पूजा , तस्वीरें और मूर्तियां घर -घर में मिल जाएँगी लेकिन देवताओ के देवता इंद्र भगवान की कोई तस्वीर अलग से मैंने किसी घर या मंदिर में इससे पहले नहीं देखी थी।
यहाँ तस्वीर या मूर्ति ही नहीं पूरा शहर उनके नाम से आबाद पाया तो हैरान हो गई।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें