इंदौर की सफाई
इंदौर की सीमा में कदम रखते ही आप हैरान रह जायेंगे। क्या ये भी भारत का हिस्सा है। यहाँ के हर कोने में सफाई है। कोई भी गंदगी फैलाता दिखाई नहीं देता है। आपको एक बार तो यकीन नहीं होगा। इतने सारे लोग हर तरफ घूम रहे है। उसके बाबजूद कही गंदगी नहीं है। आप अपने घर में बीस लोगो को बुला लीजिये अपना घर ही बेगाना लगने लगता है। लेकिन इंदौर में रहने वाले लोग सफाई से रहना सीख गए है। इतने साफ शहर को देखकर बाहर से आने वाले भी गंदगी नहीं फैलाते। वे भी सुधर जाते है।
इस बात पर भरोसा करना मुश्किल होता है। लोगो के घर भी इतने साफ नहीं होते जितने इंदौर का हर कोना। कही भी धूल और कूड़ा दिखाई नहीं देता है। सुबह -सुबह ही सारा शहर साफ दिखाई देता है।
मैने एक जगह शौचालय में गंदगी देखी। वह सुलभ शौचालय था। मुझे बहुत गुस्सा आया। यहाँ पैसे भी दिए, फिर भी गन्दा था। पैसे लेने वाले से बात की। तब उसने कहा -मै सफाई कर रहा था। आप को देखकर बाहर आ गया। वरना थोड़ी देर बाद आपको यहाँ भी सफाई मिलती। उसकी बातो में मुझे सच्चाई दिखी क्योंकि जब मै अंदर गई थी तब वह सफाई कर रहा था। हर तरफ पानी बिखरा हुआ था। लेकिन मुझे कहीं और जाना था इसलिए मै सब्र न कर सकी. वहां सफाई से पहले ही उसका इस्तेमाल करने चली गई थी । उस बेचारे का कोई दोष नहीं था।
वहां कही भी बड़े -बड़े कूड़ेदान नहीं थे। .कही भी कूड़े के ट्रक आते जाते दिखाई नहीं दिए। ऐसी सफाई मुझे भारत में कही और दिखाई नहीं दी। इंदौर भारतीयों को अचंभित करने में सक्षम है। इस अचम्भे को आप भी अनुभव करके अवश्य देखिये।
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